बंगाल: रेजीनगर सीट से न‍िर्दलीय उम्‍मीदवार सैफुल इस्लाम गिरफ्तार, किस मामले में पुल‍िस ने उठाया?

West Bengal By-Poll: पश्‍च‍िम बंगाल में हो रहे उपचुनाव से पहले जमकर स‍ियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है. नंदीग्राम से कांग्रेस उम्‍मीदवार की गिरफ्तारी के बाद अब रेजीनगर से न‍िर्दलीय उम्‍मीदवार को भी गिरफ्तार किया गया है.
Saiful Islam

सैफुल इस्लाम गिरफ्तार

West Bengal By-Poll: पश्‍च‍िम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी ड्रामा जारी है. पहले  नंदीग्राम सीट से कांग्रेस उम्मीदवार  मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. दूसरी तरफ नंदीग्राम से टीएमएसी उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया. इन सब के बीच अब  रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को पुलिस ने बहरामपुर से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने सैफुल इस्लाम को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया है, जो कि साल 2021 का बताया जा रहा है. पूरा मामला 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों में हुई झड़प के दौरान का है. रेजी नगर सीट से सैफुल इस्लाम निर्दलीय उम्मीदवार हैं.

नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर  6 अक्टूबर को उपचुनाव होने वाले हैं. ये सीटें 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली हो गई थीं. इन सीटों पर उपचुनाव के ऐलान के बाद से ही सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है.

नंदीग्राम सीट पर क्या हुआ?

नंदीग्राम सीट पर बीजेपी-कांग्रेस और ममता बनर्जी के उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे. हालांकि ममता के उम्मीदवार ने आखिरी समय पर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया. बचे कांग्रेस के उम्मीदवार को 2007 के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. जो 3 अक्टूबर तक जेल में ही रहेंगे. यानी कि वह अपना चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे. कुल मिलाकर इस सीट पर अब बीजेपी उम्मीदवार ही बचा है. जो एक्टिव होने के साथ-साथ किसी पुराने मामले में उठाया नहीं गया है.

रेजीनगर सीट पर भी प्रत्याशी का यूटर्न

रेजीनगर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार सुबह 10 बजे चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. लेकिन करीब 3 घंटे बाद ही उन्‍होंने यू टर्न ले ल‍िया और कहा कि वह चुनाव लड़ेंगे. चुनाव न लड़ने की बात कहते हुए चौधरी ने कहा था कि उनके लोगों पर कार्रवाई की जा रही है. उन्‍हें गिरफ्तार किया जा रहा है. ऐसे में वह कैसे चुनाव लड़ेंगे. हालांकि चुनावी जानकार बताते हैं कि वह TMC के नए नाम-सिंबल के कारण चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं. 

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