300 रुपये के लिए मासूमों की अग्निपरीक्षा! आदिवासी हॉस्टल में चोरी के शक में बच्चों के हाथों पर रखे जलते अंगारे
मासूम छात्र के हथेलियों पर रखे अंगारे
मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले मंडला से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां के नैनपुर इलाके में स्थित एक ट्राइबल हॉस्टल में सीनियर छात्रों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. मामला केवल 300 रुपये की चोरी का था. मात्र 300 रुपये चोरी होने के शक में सीनियर छात्रों ने कक्षा 6 के तीन मासूम छात्रों को पहले बेल्ट से बेरहमी से पीटा. सबसे हैरानी की बात तो यह कि सीनियर छात्रों ने अंधविश्वास के चलते उनकी हथेलियों पर सुलगते हुए अंगारे रखवा दिए.
क्या है पूरा मामला?
ये घटना मंडला के पाथा सिहोरा स्थित सीनियर और जूनियर लड़कों के हॉस्टल में सोमवार आधी रात के बाद हुई. इस घटना के बारे में अधिकारियों को जानकारी शुक्रवार को मिल पाई, जिसके बाद हड़कंप मच गया. इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों सीनियर और जूनियर हॉस्टल के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं. इतना ही नहीं, इस पूरे मामले के लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया है.
ट्राइबल वेलफेयर विभाग ने क्या कहा…
मामले पर ट्राइबल वेलफेयर विभाग (मंडला) का कहना है, ‘जूनियर हॉस्टल के कुछ छात्रों ने पैसे चोरी होने की शिकायत की थी, जिसके बाद सीनियर हॉस्टल के कुछ छात्रों समेत कई बच्चे वहां इकट्ठा हुए. उन्होंने एक कंडा जलाया और अपनी एक अंधविश्वासी मान्यता के तहत छठी कक्षा के कुछ बच्चों की हथेलियों पर उसे रखवा दिया.’
मामले की जांच हुई तेज
अंधविश्वासी सीनियर छात्रों का मानना था कि इस प्रक्रिया से असली चोर का पता चल जाएगा और आंच केवल दोषी को ही जलाएगी. इस क्रूरता के शिकार हुए मासूम बच्चों को गंभीर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है. फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है.
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