MP के 70 हजार शिक्षकों को मिलेगा 10 साल का एरियर! हाई कोर्ट ने सरकार को दिए 4 हफ्ते
जबलपुर हाई कोर्ट(File Photo)
MP News: जबलपुर हाई कोर्ट ने शिक्षकों की सेवा अवधि पहली नियुक्ति की तारीख से जोड़ने के मामले में राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं. इस फैसले से प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों को सीनियरिटी, वेतन वृद्धि, पेंशन और अन्य सेवा लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है. मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी.
सरकार ने मांगा था चार सप्ताह का समय
अवमानना याचिका पर सुनवाई जस्टिस दीपक खोट की सिंगल बेंच में हुई. राज्य सरकार की ओर से हाई कोर्ट के पूर्व आदेश का पालन करने के लिए समय मांगा गया था. कोर्ट ने सरकार की मांग स्वीकार करते हुए चार सप्ताह की मोहलत दी है. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र आर्य और सरकार की तरफ से एएस बघेल ने पक्ष रखा.
2006 से छठे वेतनमान का लाभ देने की मांग
शिक्षकों का कहना है कि छठा वेतनमान 1 जनवरी 2006 से लागू किया गया था, लेकिन उन्हें इसका लाभ वर्ष 2016 से दिया गया. शिक्षकों का तर्क है कि पहली नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना होने पर उन्हें 2006 से ही वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए था. इसी आधार पर करीब 10 वर्षों के वेतन अंतर की राशि मिलने की संभावना है.
एरियर और वेतन में बढ़ोतरी की उम्मीद
शिक्षकों के मुताबिक, सेवा अवधि की गणना बदलने पर प्रत्येक शिक्षक को करीब 7 से 8 लाख रुपए तक का एरियर मिल सकता है. इस राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज दिए जाने की बात भी सामने आई है. इसके अलावा मौजूदा वेतन में करीब 15 से 20 हजार रुपए तक का अंतर आने की संभावना जताई जा रही है.
497 शिक्षकों ने शुरू की थी कानूनी लड़ाई
राजेश पांडेय समेत 497 शिक्षकों ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. उनका कहना था कि शिक्षा विभाग में संविलियन के दौरान वर्ष 2018 से पहले की उनकी शिक्षकीय सेवा को मान्यता नहीं दी गई. शिक्षकों ने पहली नियुक्ति से सेवा अवधि जोड़कर सीनियरिटी, वेतन वृद्धि, पेंशन और अन्य लाभ देने की मांग की थी.
सुप्रीम कोर्ट में सरकार की चुनौती खारिज
हाई कोर्ट के शिक्षकों के पक्ष में आदेश के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सरकार की ओर से दायर एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया. इसके बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर आदेश का पालन कराने की मांग की.
शिक्षकों को लंबित लाभ मिलने की उम्मीद
शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मामला खारिज होने के बाद अब सरकार को हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए. शिक्षकों को उम्मीद है कि पहली नियुक्ति से सेवा अवधि जोड़ने के साथ उनके लंबित सेवा लाभ भी मिलेंगे.
600 से ज्यादा आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति
शिक्षक संगठनों ने 600 से अधिक दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने के फैसले पर राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग का आभार जताया है. संगठनों का कहना है कि इस फैसले से प्रभावित परिवारों को रोजगार के साथ आर्थिक और सामाजिक सहारा भी मिलेगा.
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