Khairagarh: उफनती नदी में फंसी कार, TI शिवशंकर गेंदले ने जान पर खेलकर बचाई 5 जिंदगियां
खैरागढ़
रिपोर्ट-नितिन भांडेकर
Khairagarh: अंधेरी रात, उफनती नदी और तेज बहाव के बीच जिंदगी और मौत से जूझ रहे पांच दोस्तों के लिए खैरागढ़ पुलिस देवदूत बनकर आई. गंडई थाना प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर गेंदले ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती नदी में कूदकर पांचों लोगों की जान बचा ली.
कान्हा-किसली घूमने जा रहे थे दोस्त
घटना 26 सितंबर की रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच की है. रायपुर के गुड़ियारी क्षेत्र से पांच दोस्त डिजायर कार से कान्हा-किसली घूमने जा रहे थे. जब उनकी कार खैरागढ़ जिले के दनिया पुल के पास पहुंची तो पुल के ऊपर से बाढ़ का पानी बह रहा था.
रात में अंधेरा होने के कारण पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा नहीं लग पाया. तेज बहाव के चलते कार पुलिस स्टॉपर से टकराकर पुल से नीचे उतर गई और नदी के बीच में फंस गई.कार में तेजी से पानी भरने लगा. पांचों दोस्त किसी तरह कार से बाहर निकले और पास में मौजूद एक पेड़ की टहनी को पकड़कर अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगे.
किसी भी वक्त हो सकता था हादसा
चारों तरफ पानी का तेज बहाव और अंधेरा, किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता था.इसी दौरान डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही गंडई थाना प्रभारी शिवशंकर गेंदले अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. हालात बेहद खतरनाक थे. रात का घना अंधेरा और नदी का उफान. इसके बावजूद टीआई ने बिना समय गंवाए नदी में उतरने का साहसिक फैसला लिया.
टीआई गेंदले ने पुलिस टीम की मदद से एक-एक कर पांचों लोगों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला. सभी पांचों युवक सुरक्षित हैं. अगर समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था.इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में खैरागढ़ जिला पुलिस की तत्परता और टीआई की बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है. पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ पांच जिंदगियां बचाईं, बल्कि ये भी साबित किया कि वर्दी का असली मतलब लोगों की सेवा और सुरक्षा है.