MP में फिर शुरू हुआ भावांतर योजना का रजिस्ट्रेशन, ये है आखिरी डेट, जानें कैसे करें आवेदन
भावांतर योजना का रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ
MP Bhavantar Yojana Registration: प्रदेश के लाखों किसानों के लिए मोहन सरकार ने एक बार फिर बड़ी खुशखबरी दी है. भावांतर योजना के अंतर्गत आने वाले किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है. दरअसल, एमपी सरकार ने भावांतर भुगतान योजना की फिर से शुरुआत की है. बत दें कि अगर किसी किसान को उसकी सोयाबीन की उपज का बाजार में कम दाम मिलता है, तो बाजार भाव और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि का भुगतान एमपी सरकार करेगी. इस योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
कब तक होगा रजिस्ट्रेशन?
सरकार की तरफ से कहा गया है कि जब भी किसान अपनी सोयाबीन को बाजार में बेचते हैं तो उन्हें भाव के हिसाब से सही कीमत नहीं मिल पाती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है. सरकार का कहना है कि किसानों की इसी आर्थिक तंगी और नुकसान की भरपाई के लिए भावांतर योजना का रजिस्ट्रेशन एक बार फिर शुरू किया जा रहा है.
बता दें कि प्रदेश में सोयाबीन की सरकारी खरीद के लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू होगा और 17 अक्टूबर तक चलेगा. सरकार ने सभी सोयाबीन किसानों से अपील की है कि लाभ पाने के लिए जल्द से जल्द भावांतर योजना में रजिस्ट्रेशन करें.
भावांतर योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
- किसान अपना रजिस्ट्रेशन तय किए गए सरकारी केंद्रों के अलावा ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालय में बने सुविधा सेंटर पर भी करा सकते हैं.
- यहां रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं ली जाएगी. इसके साथ ही किसान ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं.
- इसके अलावा एमपी ऑनलाइन और साइबर कैफे से भी आवेदन किया जा सकता है, जहां अधिकतम 50 रुपये तक फीस लग सकती है.
- सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है.
रजिस्ट्रेशन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी होंगे?
रजिस्ट्रेशन के समय किसानों को आधार कार्ड, जमीन से जुड़े डॉक्युमेंट्स और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी. आधार नंबर का OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी कराना जरूरी होगी. जमीन के कागज और पहचान पत्र की जांच के बाद ही किसान का रिकॉर्ड दर्ज कीया जाएगा.