Raipur: तेलीबांधा चौक का नाम बदलने को लेकर बवाल! साहू समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी, कहा- पहचान मिटाने नहीं देंगे

Raipur Telibandha Chowk: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस फैसले का विरोध किया है. उन्होंने लिखा है कि सरकार को विकास के मुद्दों पर काम करना चाहिए, न कि चौक-चौराहों के नाम बदलने में समय बर्बाद करना चाहिए.
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रायपुर

Raipur Telibandha Chowk: छत्तीसगढ़ में चौक-चौराहों के नाम बदलने को लेकर सियासत गर्मा गई है. प्रदेश सरकार के एक फैसले ने राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में नया विवाद खड़ा कर दिया है. मामला राजधानी के सबसे व्यस्त और चर्चित तेलीबांधा चौक से जुड़ा है, जिसका नाम बदलने की घोषणा के बाद विरोध शुरू हो गया है.

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कल एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत कुल 38 चौक-चौराहों का नाम बदलकर ‘सेवा संकल्प चौक’ किया जाएगा. इस लिस्ट में रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है. सरकार का कहना है कि ये नाम सेवा और समर्पण के संकल्प को दर्शाएगा.लेकिन सरकार की इस घोषणा के 24 घंटे के अंदर ही विरोध के सुर तेज हो गए हैं. सबसे पहले साहू समाज ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है.

समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि तेलीबांधा चौक सिर्फ एक चौक नहीं है, बल्कि ये साहू समाज की ऐतिहासिक पहचान और उनके कारोबार से जुड़ा हुआ नाम है. समाज ने साफ कहा है कि वे किसी भी कीमत पर इस चौक का नाम बदलने नहीं देंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे.

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने उठाए सवाल

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने सरकार के इस फैसले को छत्तीसगढ़ की मौलिकता के साथ खिलवाड़ बताया है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि प्रदेश के पारंपरिक नामों को मिटाकर नए नाम थोपे जा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़िया अस्मिता के खिलाफ है.

वहीं कांग्रेस ने भी सरकार को घेर लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस फैसले का विरोध किया है. उन्होंने लिखा है कि सरकार को विकास के मुद्दों पर काम करना चाहिए, न कि चौक-चौराहों के नाम बदलने में समय बर्बाद करना चाहिए.

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