मुरैना BEO की कुर्सी एक पर अधिकारी दो, शिक्षा विभाग का अजब-गजब तमाशा, जानें पूरा मामला
फाइल फोटो
मुरैना से शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही की ऐसी खबर सामने आई है जिसे जानकर आप अपना माथा पकड़ लेंगे. जरा सोचिए किसी जिले के सरकारी दफ्तर में अगर एक साथ दो अधिकारियों की तैनाती कर दी जाए तो क्या होगा. दरअसल मुरैना के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इन दिनों दो बीईओ यानी ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर बैठ रहे हैं. दोनों की बकायदा इस ऑफिस में पोस्टिंग की गई है. बीईओ ऑफिस में ये हालात पिछले साढ़े तीन महीने से हैं.
दोनों बीईओ होते हैं बैठक में शामिल
सबसे बड़ी बात तो ये हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में भी दोनों ही शामिल होते हैं. वहीं यहां काम कर रहे और कर्मचारियों की हालात ये है कि उनके सामने बड़ी समस्या ये हो गई है कि वह किसकी बात मानें और किसके निर्देशों का पालन करें. इलाके के स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों की भी यही समस्या हैं.
हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई
इस मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में चल रही है लेकिन जिस तरह के हालात नजर आ रहे उन्हें देखकर तो यहीं लगता है कि अभी दो-दो बीईओ का सिस्टम और कई महीने चलेगा. दरअसल मुरैना के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बीईओ श्याम सिंह तोमर 30 मई को सेवानिवृ्त्त हो गए थे. इसके बाद बीईओ की कुर्सी खाली हुई तो कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने दस जून को शिवलालपुरा हाईस्कूल के प्रिंसीपल राजेंद्र सिंह सिकरवार को प्रभारी बीईओ बना दिया.
हरेंद्र सिंह सकरवार को सौप दी जिम्मेदारी
प्रभारी बीईओ राजेंद्र सिंह सिकरवार ने दो-तीन दिन ही काम किया था कि जींगनी संकुल प्रिंसीपल हरेंद्र सिंह सकरवार भोपाल लोक शिक्षण संचानलनाय कार्यालय से आदेश जारी करा लाए. इस आदेश में उन्हें मुरैना ब्लॉक का बीईओ नियुक्त कर दिया गया.
डीपीआई के आदेश के बाद कलेक्टर ने भी हरेंद्र सिंह सिकरवार को बीईओ बना दिया, लेकिन वरिष्ठता सूची में सबसे पहले नंबर पर आने वाले राजेंद्र सिंह सिकरवार इस तरह प्रभारी पद से हटाए जाने से खिन्न हो गए. इसके बाद वह 15 जून को हाईकोर्ट से स्टे ले आए. तब से दो-दो बीईओ ऑफिस में बैठ रहे हैं.
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