कौन हैं IPS अंकिता शर्मा? साड़ी पहनकर AK-47 से धड़ाधड़ फायरिंग करने का वीडियो हो रहा वायरल
रायपुर. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक आईपीएस अंकिता शर्मा का विजयादशमी पर एके-47 राइफल से हवाई फायरिंग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन के बाद साड़ी पहने अंकिता शर्मा राइफल से गोलियां चलाती नजर आ रही हैं. वीडियो सामने आने के बाद जहां कुछ लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं, वहीं हथियारों के इस्तेमाल में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.
भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने भी इस घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में हथियार संभालने के तरीके को असुरक्षित और गैर-जिम्मेदाराना बताया. उनके अनुसार, लोडेड हथियार को अलग-अलग दिशाओं में घुमाना, आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को जोखिम में डालना और हथियार संचालन से जुड़े बुनियादी सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
What all is wrong in this video:- – Dangerously incorrect handling of a loaded weapon – All aspects of safety of weapon handling violated – Pointing a loaded weapon in all directions. Ppl in background are visibly terrified – Firing a service weapon for an unauthorised act in a non authorised dress – Basic weapon handling drill taught in the trg academies not adhered to – Such irresponsible action can cause death or hurt to self or others – Overall a black demo of authority w/o responsibility – Such acts of indiscipline must be appropriately punished to avoid reoccurrence
— KJS DHILLON🇮🇳 (@TinyDhillon) October 21, 2026
शस्त्र पूजन के बाद नौ राउंड फायरिंग का दावा
विजयादशमी के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया था. इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा भी मौजूद थीं. सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में वह शस्त्र पूजन के बाद एके-47 राइफल से हवाई फायरिंग करती दिखाई दे रही हैं. मीडिया रिपोर्टों में उनके नौ राउंड फायर करने का दावा किया गया है.
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा रही है. पुलिस और सैन्य बलों में भी इस अवसर पर हथियारों की पूजा की जाती है. हालांकि, हथियार की पूजा और उसका संचालन अलग-अलग विषय हैं. हथियार चलाते समय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, सुरक्षित दिशा और अधिकृत स्थान से जुड़े नियमों का पालन जरूरी होता है. इसी पहलू को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारी ने सवाल उठाए हैं.
कौन हैं आईपीएस अंकिता शर्मा?
अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई. पढ़ाई में मेधावी रहीं अंकिता ने दसवीं और बारहवीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. स्नातक के बाद उन्होंने प्रबंधन की पढ़ाई शुरू की, लेकिन भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने के लक्ष्य के चलते उसे बीच में छोड़कर संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू कर दी.
पहले दो प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. तीसरे प्रयास में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 203वीं रैंक हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुईं. उन्हें छत्तीसगढ़ संवर्ग मिला.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम से मिली पहचान
अंकिता शर्मा ने छत्तीसगढ़ में अलग-अलग पदों पर काम किया है. भाटापारा में शुरुआती पदस्थापना के बाद उन्होंने रायपुर, खैरागढ़ और बस्तर क्षेत्र में भी सेवाएं दीं. नक्सल प्रभावित इलाकों में उनकी तैनाती और अभियानों में भूमिका के कारण उन्हें पहचान मिली. सोशल मीडिया पर उनके सख्त पुलिस अधिकारी वाले अंदाज के चलते उन्हें ‘लेडी सिंघम’ भी कहा जाता है. वर्तमान में वह राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक हैं.
एके-47 से फायरिंग के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग उनके साहस की प्रशंसा कर रहे हैं, जबकि कुछ हथियार संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं. फिलहाल इस घटनाक्रम पर चर्चा का प्रमुख केंद्र हथियारों के इस्तेमाल में सावधानी और सुरक्षा नियमों का पालन है.
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