MP News: मछली पालन कारोबार को बड़ा बनाने जा रही मोहन सरकार, 3.5 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
एमपी न्यूज
MP News: मध्यप्रदेश से बड़ी खबर आ रही है. मोहन सरकार प्रदेश में मछली पालन को बड़े कारोबार के तौर पर विकसित करने के प्लान में है. सरकार का मकसद इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने तक का है. इसके लिए प्रदेश के चार बड़े जलाशयों में मछली उत्पादन की व्यवस्था की जाएगी. यह व्यवस्था आधुनिक तरीके से की जाएगी. इस दौरान मछलियों के उत्पादन का अच्छे से ध्यान रखा जाएगा
चार जलाशयों में ₹7,430 करोड़ का निवेश
मछली उत्पादन कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए हुए समझौते के तहत बाणसागर, बरगी, बारना और इंदिरा सागर जलाशयों में आधुनिक तरीके से विकसितकिया जाएगा. इसमें आधुनिक केज कल्चर और उससे जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं. इस प्रोजेक्ट के जरिए करीब चार लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त मछली उत्पादन का लक्ष्य बताया गया है. इसके लिए 7, 430 करोड़ का निवेश किया गया है.
बताते चलें कि, केज कल्चर में जलाशय के अंदर जाल से बने पिंजरों में नियंत्रित तरीके से मछलियों को पाला जाता है. इससे मौजूदा संसाधनों का अच्छा इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाया जाएगा. यही नहीं, प्रोजेक्ट के जरिए सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने की योजना भी शामिल है. इंदौर की कामदार्स केयर और कुवैत की जबेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी के बीच करीब ₹7,430 करोड़ के निवेश का समझौता हो गया है. सरकार का लक्ष्य मछली उत्पादन को बढ़ाना है.
3.5 लाख रोजगार बढ़ने के आसार
परियोजना के जरिए न सिर्फ मछलियों का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि, प्रदेश में लोगों को रोजगार भी मिलेगा. करीब 3.5 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बनने का अनुमान है. केंद्र ने मध्यप्रदेश को रिजर्वायर फिशरीज क्लस्टर कार्यक्रम में शामिल किया है. इसके तहत रायसेन के हलाली जलाशय और खंडवा के इंदिरा सागर जलाशय को अच्छए तरीके से विकसित किया जाएगा.