Chhath Puja 2026: इस साल कब है छठ पूजा? जानें नहाय-खाय से लेकर उषा अर्घ्य तक का पूरा शेड्यूल

Nahaye Khaye to Sunrise Arghya: छठ का व्रत चार दिनों तक रखा जाता है और यह सबसे कठिन व्रतों में से एक है. मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत में व्रती लगभग 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं. इस खास पर्व पर भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा-अर्चना की जाती है.
Chhath Puja 2026

छठ पूजा 2026

Chhath Puja 2026 Dates: हिंदू धर्म में छठ पूजा को बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार बताया गया है. इस पावन पर्व को देशभर के हिंदू बड़े ही श्रद्धा भाव से मनाते हैं. छठ का व्रत चार दिनों तक रखा जाता है और यह सबसे कठिन व्रतों में से एक है. मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत में व्रती लगभग 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं. इस खास पर्व पर भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा-अर्चना की जात है. भक्त इस दिन सुख-शांति और परिवार में खुशहाली के लिए छठ पूजा करते हैं. आइए जानते हैं कि इस साल छठ पूजा कब है.

नहाय-खाय – 13 नवंबर 2026, शुक्रवार

    छठ पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है. इस दिन व्रत रखने वाले स्नान कर घर और पूजा की जगह को साफ करते हैं. इसके बाद शुद्ध और सात्विक खाना बनाया जाता है. खाने में खास तौर पर लौकी की सब्जी बनाई जाती है. इस दिन से हि छठ के नियमों का पालन शुरू हो जाता है.

    खरना – 14 नवंबर 2026, शनिवार

      दूसरे दिन खरना मनाया जाता है. इस दिन व्रती पूरे दिन भूखे रहते हैं और शाम को पूजा करने के बाद प्रसाद खाते हैं. प्रसाद में गुड़ की खीर, रोटी और फल शामिल होते हैं. कई जगहों पर अरवा चावल और चने की दाल भी बनाई जाती है. इसी प्रसाद के बाद 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत शुरू होता है.

      संध्या अर्घ्य – 15 नवंबर 2026, रविवार

        तीसरे दिन डूबते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है. बांस की टोकरी में ठेकुआ, फल, नारियल और गन्ना सजाया जाता है. व्रती नदी या तालाब के किनारे जाकर सूर्य देव क पूजा करते हैं. इस दिन छठी मैया की भी विधि-विधान से पूजा की जाती है.

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        उषा अर्घ्य (16 नवंबर 2026, सोमवार)

          चौथे और आखिरी दिन उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है. सुबह-सुबह व्रती पानी में खड़े होकर सूर्य देव को जल चढ़ाते हैं. परिवार की खुशहाली और सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती है. इसके बाद व्रत खोला जाता है और चार दिन का छठ पर्व पूरा हो जाता है.

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