Bilaspur: तेल की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन का एक्शन, अब उद्योगों को नहीं मिलेगा डीजल

Bilaspur: छत्तसीगढ़ के बिलासपुर जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनाए रखने और इसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सख्त निर्देश जारी किए हैं.
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पेट्रोल पंप पर तेल के लिए उमड़ी भीड़

Bilaspur: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के चलते भारत में ईधन को लेकर समस्याएं बढ़ती ही जा रही है. इसका असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है. छत्तसीगढ़ के बिलासपुर जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनाए रखने और इसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. नए आदेशों के अनुसार पेट्रोल पंप संचालक बिना अनुमति किसी भी उद्योग को डीजल की सप्लाई नहीं करेंगे.

नए आदेशों के अनुसार डीजल सप्लाई पर रोक

ये आदेश राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत लागू किया गया है. नए आदेशों के अनुसार उद्योग के लिए डीजल सप्लाई पर रोक है. हालांकि अगर विशेष परिस्थिति में जरूरत होती है तो संबंधित क्षेत्र के एसडीएम या तहसीलदार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा. इतना ही नहीं कलेक्टर के नए निर्देश के अनुसार सामान्य लोगों पर भी कुछ नियम तय किए गए हैं.

डिब्बे या केन में नहीं दिया जाएगा डीजल-पेट्रोल

जिले में अब से पेट्रोल और डीजल सीधे वाहनों में ही भरा जाएगा, किसी डिब्बे या अन्य पात्र में ईधन देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. वहीं कृषि कार्य, जनरेटर और छोटे उद्योगों के लिए डीजल पहले की खपत के आधार पर ही दिया जाएगा और उसका अलग से रिकॉर्ड रखना होगा.

पेट्रोलियम के परिवहन पर निगरानी

इतना ही नहीं बिलासपुर कलेक्टर ने पेट्रोलियम के परिवहन पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. शहर के सभी पेट्रोल पंपों पर लगे कैमरों की नियमित जांच करनी होगी. अगर कहीं पर भी अवैध परिवहन या कालाबाजारी पाई जाती है तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995 के तहत कार्यवाई की जाएंगी.

एक जांच दल किया गया है गठन

इन सभी नियमों के पालन के लिए एक जांच दल भी बनाया गया है, जो जिले में लगातार निरीक्षण करेगा. कलेक्टर ने कहा है कि ये सभी निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और सभी को इनका सख्ती से पालन करना होगा.

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