आपको भी आया है RTO का चालान तो हो जाएं सावधान, साइबर ठगों ने बिछाया नया ‘जाल’

Cyber Fraud: साइबर ठगों ने लोगों को ठगने का नया तरीका खोज लिया है. अगर आपको भी SMS या Whatsapp के जरिए RTO Challan की APK फाइल मिली है तो सावधान हो जाएं.
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RTO चालान के नाम पर साइबर ठगी

Cyber Fraud (अभिषेक मिश्रा, धमतरी): देश भर के वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर है. अगर आपके पास भीSMS या Whatsapp के जरिए RTO e-Challan की APK फाइल आई है तो सावधान हो जाएं क्योंकि यह चालान का मैसेज RTO की ओर से नहीं बल्कि साइबर ठगों ने भेजी है. साइबर ठगों ने लोगों को फंसाने का नया ‘जाल’ बिछाया है और इसका खुलासा छत्तीसगढ़ की धमतरी पुलिस ने किया है.

साइबर ठगों ने बिछाया नया ‘जाल’

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने साइबर ठगों के नए जाल का खुलासा किया है. यहां ठग WhatsApp और SMS पर RTO e-Challan APK की फर्जी लिंक भेजकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. साइबर ठग इस लिंक के जरिए लोगों का मोबाइल और डाटा हैक कर रहे हैं. ऐसे में पुलिस ने लोगों से फर्जी APK लिंक से सावधान रहने की अपील की है.

कैसे रहें सावधान?

  • RTO या परिवहन विभाग कभी भी WhatsApp के माध्यम से e-Challan नहीं भेजता है.
  • e-Challan हमेशा आपके वाहन/बैंक में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही आधिकारिक माध्यम से प्राप्त होता है.
  • अनजान नंबर से आए APK लिंक, ऐप या फाइल को डाउनलोड/इंस्टॉल न करें.
  • मोबाइल में Auto Download एवं Auto Update विकल्प बंद रखें.
  • किसी भी APK फाइल को इंस्टॉल करने से पहले उसकी पूर्ण जांच-पड़ताल करें.

अगर गलती से APK लिंक इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें?

  • मोबाइल डेटा / इंटरनेट तुरंत बंद करें
  • इंटरनेट बैंकिंग / UPI का उपयोग न करें
  • WhatsApp में जाकर Linked Devices चेक करें और अज्ञात डिवाइस हटाएं
  • पासवर्ड व UPI PIN तुरंत बदलें

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हेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क

वहीं, साइबर ठगी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें.

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