CG News: दुर्ग में 13 मार्च से लगेगा स्वदेशी मेला, 22 राज्यों की दिखेगी झलक, ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दिया जाएगा

CG News: दुर्ग में 13 मार्च से 19 मार्च तक स्वदेशी मेले का आयोजन किया जाएगा. मेले में 22 राज्यों की झलक दिखाई देगी. इसके साथ ही 'वोकल फॉर लोकल' संदेश दिया जाएगा.
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दुर्ग: स्वदेशी मेले के लिए हुआ भूमिपूजन

CG News: दुर्ग ज़िले में पहली बार भव्य रूप में स्वदेशी मेले का आयोजन होने जा रहा है. स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा 13 से 19 मार्च तक जयंती स्टेडियम के सामने मैदान में इस मेले का आयोजन किया जाएगा. इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों की शुरुआत भूमि पूजन के साथ कर दी गई है.

वोकल फॉर लोकल का संदेश

भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय उपस्थित रहे. इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए. वहीं आयोजन समिति की ओर से छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री एवं स्वदेशी मेले के संयोजक अजय भसीन और चेंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा भी मौजूद रहे. इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे ने कहा कि स्वदेशी मेला देश में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए वोकल फॉर लोकल के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की बेहद आवश्यकता है. जब देश के लोग अपने देश में निर्मित उत्पादों का उपयोग करेंगे तो स्वदेशी भावना और आत्मनिर्भरता दोनों को मजबूती मिलेगी. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों, कुटीर उद्योगों और स्वदेशी उद्यमों को प्रोत्साहित करना है. साथ ही आम जनता को आत्मनिर्भर भारत और स्वावलंबी भारत की भावना से जोड़ना भी इस मेले का प्रमुख लक्ष्य है. यह मेला लघु भारत की झलक दिखाते हुए स्वदेशी संस्कृति और उद्यमिता का भव्य संगम बनने जा रहा है.

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22 राज्यों की दिखेगी झलक

स्वदेशी मेले के संयोजक अजय भसीन ने बताया कि यह मेला अपने आप में अनोखा और आकर्षक होगा. उन्होंने कहा कि यहां ऐसे स्टॉल लगाए जाएंगे जिन्हें लोग पहले कभी नहीं देखे होंगे. मेले में बस्तर की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा. साथ ही छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले कारीगर और उद्यमी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे. इस मेले में देश के 22 राज्यों से स्वदेशी उत्पाद, हस्तशिल्प सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, जैविक उत्पाद, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय उद्यमियों के स्टॉल लगाए जाएंगे. कुल मिलाकर 300 से अधिक स्टॉल इस मेले में सजेंगे.

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