छत्तीसगढ़ में निकली चूहों की बारात… बैंड, बाजा और नाचते हुए चूहे! जानें क्या है पूरा मामला
चूहे की बारात
Durg News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा और महासमुंद जिलों में चूहों द्वारा भारी मात्रा में धान खा जाने के विरोध में दुर्ग जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का एक अनोखा और प्रतीकात्मक तरीका अपनाया. कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने शहर में चूहों की बारात निकालकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. बाजे-गाजे के साथ निकाली गई इस बारात में चूहे नाचते हुए नजर आए, जिसने आम जनता का ध्यान आकर्षित किया और विरोध को प्रभावी ढंग से सामने रखा.
दुर्ग में निकाली गई चूहों की बारात
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व विधायक अरुण वोरा, दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बकरीवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. चूहों की बारात को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. जिला कलेक्ट्रेट परिसर में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चूहे को मुकुट पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से धान खिलाया और फिर बारात को आगे बढ़ाया गया.
चूहों की यह बारात पूरे प्रदर्शन का केंद्र रही, जिसमें चूहे जमकर नाचते नजर आए. इसके बाद कांग्रेसी कार्यकर्ता और पदाधिकारी SDM कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन के साथ जाली के भीतर एक चूहा भी प्रतीक के रूप में दिया गया.
इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकारी गोदामों में रखे करोड़ों रुपये के धान को चूहों द्वारा खा जाने की बात कहना भाजपा सरकार की जवाबदेही से बचने की कोशिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि धान चूहों ने नहीं, बल्कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने खाया ह. यह पूरा मामला भाजपा सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि चूहों की बारात के माध्यम से मंत्रियों की प्रतीकात्मक बारात निकालकर जनता को सच्चाई से अवगत कराया जा रहा है.