धीरे-धीरे, चन्द्रकांत का बदला लेने का तरीका और भी खौ़फनाक होता चला गया. उसने कुछ खास लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू किया, खासकर उन लोगों को जिन्हें वह जानता था. उनका अपहरण करना और फिर अपराध की गहरी काली दुनिया में डूबना, उसकी ज़िंदगी का हिस्सा बन गया.
जब NGT ने मामले की जांच का आदेश दिया, तो यह मामला Google सैटेलाइट इमेज के माध्यम से उजागर हुआ. साल 2021 की Google इमेज से यह पता चला कि इन तीन प्लॉट्स पर सात पेड़ खड़े थे, जो अब गायब थे
Delhi Election 2025: भारत की राजनीति में लगातार बदलाव हो रहे हैं, और एक नया सवाल सामने आ रहा है कि क्या INDIA ब्लॉक (Indian National Developmental Inclusive Alliance) का अस्तित्व संकट में है? दिल्ली चुनावों के बीच कांग्रेस और AAP के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति और अन्य घटक दलों के बढ़ते असंतोष ने […]
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने जो चुनावी वादे किए हैं, उनमें एक अहम रणनीति नजर आ रही है—वह है आम आदमी पार्टी (AAP) की यूएसपी (Unique Selling Proposition) यानी 'मुफ्त सुविधाओं' को छीनने की कोशिश.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न रैन बसेरों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने वहां ठंड से बचने के लिए जरूरतमंदों को कंबल और भोजन वितरित किया.
महाकुंभ में विभिन्न जातियों और वर्गों के लोग संगम में एक साथ स्नान कर रहे हैं, और इस सांस्कृतिक मेलजोल को सामाजिक समता का सबसे बड़ा उदाहरण बताया जा रहा है. योगी आदित्यनाथ ने इसे “आस्था, समता और एकता का महासमागम” कहा है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भगवा वस्त्रों को लेकर भी एक अहम सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि भगवा वस्त्र केवल उन लोगों को पहनने का अधिकार होना चाहिए, जिन्होंने संन्यास की दीक्षा ली है.
जेपी नड्डा ने क्यों दी राहुल गांधी को बधाई? राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. नड्डा ने आरोप लगाया कि यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि राहुल गांधी और उनके "परिवेशी तंत्र" शहरी नक्सलियों और 'डीप स्टेट' के साथ गहरे संबंध रखते हैं.
पार्टी के भीतर की दरारें कभी भी कोई संकेत नहीं देतीं, लेकिन जब ये फटती हैं, तो सारा सिस्टम झकझोर देती हैं. कांग्रेस पार्टी में विभाजन कोई नई बात नहीं थी. 1978 से लेकर अब तक, कांग्रेस पार्टी में कई बार टूट हुई.
भारतीय खिलाड़ियों का कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए, ताकि भविष्य में ओलंपिक मेडल की गुणवत्ता पर कोई सवाल न उठे. भारतीय ओलंपिक संघ ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ से इस मुद्दे पर शिकायत करने का फैसला लिया है, ताकि ओलंपिक मेडल की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके.