राकेश कुमार

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राकेश कुमार विस्तार न्यूज़ में वरिष्ठ उप संपादक सह संवाददाता के पद पर हैं. यहां वो डेटा स्टोरीज, एक्सप्लेनर के अलावा इन डेप्थ खबरों पर काम करते हैं. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल कर चुके राकेश को रिसर्च में इंटरेस्ट है. इन्हें राजनीति के अलावा बिजनेस, मनोरंजन और लीगल न्यूज स्टोरीज पर काम करना पसंद है. काम के इतर बात करें, तो राकेश को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है. पूर्व में राकेश सहारा समय नेशनल न्यूज़ चैनल, फीवर FM, APN न्यूज़ और भारत एक्सप्रेस जैसे संस्थानों से जुड़े थे.

Congress New Headquarter

सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ऑफिस से लेकर PC रूम तक…जानें कैसा है कांग्रेस का नया हाईटेक हेडक्वॉर्टर

कांग्रेस पार्टी के इस नए मुख्यालय में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पार्टी की परंपरा और इतिहास का संगम देखा जा सकता है. इमारत की डिज़ाइन से लेकर इंटीरियर्स तक, हर पहलू में कार्यकुशलता और आधुनिकता का ध्यान रखा गया है.

नीतीश कुमार और मीसा भारती

तेजस्वी की ‘ना’ के बाद भी मीसा ने नीतीश को दिया ऑफर, समझिए बिहार में दही-चूड़ा भोज के साथ कैसे पकाई जा रही है सियासी खिचड़ी

नीतीश कुमार के लिए यह मान लेना कि वे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनने देंगे, इतना आसान नहीं है. नीतीश कुमार की अपनी राजनीतिक स्थिति और बीजेपी के साथ उनका गठबंधन इस सवाल का जवाब तय करेगा कि क्या तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री बनने का सपना सच हो पाएगा या नहीं.

Maha kumbh 2025

महाकुंभ में ‘प्यार का मंत्र’ सिखाती ‘साध्वी’, ट्रोल्स ने कहा –मंत्र समझो, लेकिन वश में न आना!

हर्षा रिछारिया एक सोशल एक्टिविस्ट, इन्फ्लुएंसर और निरंजनी अखाड़े से जुड़ी हुई साध्वी हैं. वे खुद को आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंदगिरी जी महाराज की शिष्य बताती हैं और वर्तमान में उत्तराखंड में रह रही हैं.

Delhi Election 2025

400 स्कूल, बम से उड़ाने की धमकी और बच्चे की गिरफ्तारी…दिल्ली विधानसभा चुनाव में कैसे हुई अफजल गुरु की एंट्री?

बीजेपी ने इस पूरे मामले को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है. पार्टी ने दावा किया कि जिस एनजीओ से आरोपी के पिता का संबंध था, उसने अफजल गुरु को फांसी दिए जाने का विरोध किया था. अफजल गुरु को 2001 के संसद हमले के मामले में दोषी ठहराया गया था और बाद में फांसी दी गई थी.

भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और आतिशी

सरकारी जीप, यशपाल कपूर और अदालत में हार…आतिशी से पहले इंदिरा गांधी की कहानी

राजनारायण के आरोपों की अदालत में सुनवाई हुई और इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसले ने पूरे देश को चौंका दिया. 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी की रायबरेली सीट को अवैध करार दे दिया. अदालत ने यह पाया कि चुनाव प्रचार में सरकारी जीपों का इस्तेमाल और अन्य तरीके से चुनावी नियमों का उल्लंघन किया गया था.

Chandrabhan Paswan

कौन हैं चंद्रभान पासवान, जिन्हें BJP ने बनाया मिल्कीपुर से उम्मीदवार? सपा के अजीत प्रसाद से मुकाबला

मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर दोनों दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इस सीट पर 17 जनवरी तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी होनी है, और फिर 5 फरवरी को चुनाव होगा. मिल्कीपुर का चुनाव न सिर्फ स्थानीय बल्कि राज्य की राजनीति में भी बड़ा बदलाव ला सकता है.

Viral Video

“मैं लेडी हूं, 100 गलतियां करूं फिर भी अंदर तू…”, दिल्ली में गालीबाज मां-बेटी का वीडियो वायरल

वीडियो में मां का कहना है, "लेडी के साथ गलत बोलने में तू ही अंदर जाएगा, चाहे मेरी सौ गलतियां हों, तेरी गलती पहले है." इससे यह साफ पता चलता है कि दोनों महिलाएं अपनी गलती को स्वीकार करने के बजाय सामने वाले को धमकाने में व्यस्त हैं.

symbolic image

क्वाड्रेंट फ्यूचर टेक IPO का शेयर बाजार में शानदार डेब्यू, बंपर लिस्टिंग से निवेशकों की हुई तगड़ी कमाई

क्वाड्रेंट फ्यूचर टेक का आईपीओ 290 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ट इश्यू था, जिसमें 1 करोड़ शेयरों की फ्रेश इक्विटी शामिल थी. आईपीओ का मूल्य बैंड 275 रुपये से 290 रुपये प्रति शेयर था.

अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी और अमित मालवीय

AAP और राहुल की लड़ाई, BJP कहां से आई…”, अचानक क्यों मजे लेने लगे केजरीवाल? बोले- सबकी ‘चालें’ सामने आएंगी

राहुल गांधी के हमले के बाद, अरविंद केजरीवाल ने भी पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी पार्टी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वह देश को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता उन्हें गालियां दे रहे हैं, लेकिन वह उनके बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.

Pravesh Verma

“राहुल गांधी ने दिया था टिकट का ऑफर, लेकिन BJP…”, केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे प्रवेश वर्मा का सनसनीखेज खुलासा

प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि अगर उन्हें केवल चुनावी टिकट की लालसा होती, तो वह कांग्रेस में शामिल हो जाते. लेकिन उनके लिए उनके संस्कार और भाजपा के सिद्धांत अधिक महत्वपूर्ण थे, इसलिए उन्होंने इस प्रस्ताव को नकारा.

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