भारत ने पिछले कुछ दशकों में कई आर्थिक सुधार किए हैं, जैसे डिजिटलाइजेशन, आत्मनिर्भर भारत योजना, और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना. इन सब कारणों से भारत की इकोनॉमी लगातार बढ़ रही है.
आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि क्या ये सब सिर्फ महंगाई, बेरोज़गारी, और विदेश नीति की गलतियों का नतीजा है, या फिर ये केवल 'ट्रंप फेक्टर' का असर है? इसी सवाल का जवाब ढूंढते हुए, हम जानते हैं कि कनाडा में अब क्या हो रहा है, और क्यों जस्टिन ट्रूडो का इस्तीफा सिर्फ एक राजनैतिक कदम नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है!
इस उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. दोनों ही पार्टियां इस चुनाव को अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही हैं.
निर्वाचन आयोग ने यह भी जानकारी दी कि चुनाव के दौरान मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जहां चुनावी प्रक्रिया और मतदान के दौरान सभी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी. साथ ही, निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट किया कि चुनावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक चर्चा की गई है.
आम आदमी पार्टी (AAP) 2015 और 2020 के चुनावों में शानदार जीत के साथ दिल्ली की सत्ता में काबिज रही है, और इस बार भी पार्टी ने अपने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी की है.
Ramesh Bidhuri Controversy: कालकाजी विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी एक के बाद एक विवादित बयान से चर्चा में हैं. पहले प्रियंका गांधी और फिर आतिशी के उपनाम पर उन्होंने ऐसा बयान दिया है कि दिल्ली की राजनीति में सनसनी मच गई है. हालांकि, प्रियंका गांधी को लेकर दिए बयान पर उन्होंने खेद जताया […]
कथानुसार, एक बार माता पार्वती अपने स्वर्ण मणि को नदी में खेलते हुए खो बैठीं, जो बहते हुए पाताल लोक में पहुंच गई. भगवान शिव ने मणि को ढूंढने के लिए अपने गणों को भेजा, लेकिन वे मणि को नहीं खोज पाए. इस पर भगवान शिव अत्यधिक क्रोधित हो गए...
दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग कभी भी कर सकता है. इससे पहले बीजेपी ने एक प्लानिंग की है. बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशू त्रिवेदी ने कहा कि उनकी पार्टी हर दिन AAP सरकार की एक नई 'आपदा' का खुलासा करेगी.
अब गरीबी रेखा (poverty line) भी बदल गई है. 2023-24 के लिए, ग्रामीण इलाकों में गरीबी रेखा 1632 रुपये और शहरी इलाकों में 1944 रुपये तय की गई है.
महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं, जो अलग-अलग बजट और जरूरतों के अनुसार उपलब्ध हैं. चाहे आप सस्ते होमस्टे या धर्मशाला में रुकने का विकल्प चुनें, या फिर अधिक सुविधाजनक और लक्जरी टेंट और डोम सिटी का चयन करें, सभी के लिए यहां कोई न कोई व्यवस्था है.