एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव, समुद्र की निगरानी और अन्य आपातकालीन कार्यों के लिए प्रयोग में लाया जाता है. रविवार को नियमित प्रशिक्षण के दौरान इस हेलिकॉप्टर में तकनीकी समस्या आ गई.
अब तक दिल्ली और मेरठ के बीच का सफर, जो आमतौर पर 1.5 से 2 घंटे का होता था, अब महज 40 मिनट में पूरा होगा. हां, सही सुना आपने! दरअसल, आज से नमो भारत ट्रेन दिल्ली के आनंद विहार और न्यू अशोक नगर को मेरठ साउथ से जोड़ने वाली है.
बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने इसका खुलासा करते हुए कहा कि इस वैन का किराया एक दिन का 25 लाख रुपये है! यह सुनकर बहुतों को यकीन नहीं हो रहा कि कोई आमरण अनशन के दौरान ऐसी महंगी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकता है. उनका कहना है कि जब एक नेता खुद इस तरह की विलासिता में रह रहा हो, तो वो कैसे जनता के दर्द को समझ सकता है?
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली. उन्होंने 4 नक्सलियों के शव बरामद किए. इन नक्सलियों के पास से AK-47 और SLR जैसे अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं. हालांकि इस ऑपरेशन में एक जवान के भी शहीद होने की खबर है. दंतेवाड़ा जिले के डीआरजी के जवान हेड कांस्टेबल सन्नू कारम इस मुठभेड़ में शहीद हो गए.
इस विवाद में अब कांग्रेस भी कूद पड़ी है. यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आशीष पटेल को कांग्रेस में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. अजय राय ने यह भी आरोप लगाया कि योगी सरकार एसटीएफ का इस्तेमाल मंत्रियों को डराने के लिए कर रही है.
बीजेपी दिल्ली में अपनी सत्ता की वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. पार्टी के पास एक मजबूत संगठनात्मक ढांचा और चुनावी अनुभव है, जो उसे राजधानी की राजनीति में अपनी मौजूदगी बनाए रखने में मदद कर सकता है.
महाराष्ट्र की सियासत में आने वाले बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) चुनाव भी एक अहम मोड़ साबित हो सकते हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या उद्धव ठाकरे और भाजपा के बीच करीबी रिश्ते देखने को मिलेंगे? क्या शिवसेना फिर से भाजपा से जुड़ने के बारे में सोचेगी?
इस साल अजमेर शरीफ में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का 813वां उर्स मनाया जा रहा है. यह उत्सव 28 दिसंबर से शुरू हुआ है. इस उर्स के दौरान दरगाह पर लाखों लोग अपनी श्रद्धा अर्पित करने के लिए आते हैं. हर साल की तरह इस बार भी पीएम मोदी ने चादर भेजी है.
दिल्ली की सियासत में केवल पार्टी का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत नेताओं का भी बड़ा महत्व है. 1993 में जब बीजेपी ने मदनलाल खुराना को मुख्यमंत्री बनाया, तो पार्टी को जीत मिली, लेकिन फिर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर उथल-पुथल का सिलसिला शुरू हुआ.
दिल्ली विधानसभा चुनावों में इस बार दोनों ही दलों के बीच राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है. भाजपा और AAP ने चुनावी प्रचार का नया तरीका अपनाया है, जिसमें शब्दों के साथ-साथ पोस्टरों और विज्ञापनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है.