तिरहुत स्नातक उपचुनाव के लिए हाल ही में वोटर लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें औराई प्रखंड के बूथ संख्या 54 पर करीब 724 मतदाता थे. लेकिन जब लिस्ट देखी गई, तो उसमें 138 मतदाताओं के पिता का नाम "मुन्ना कुमार" दर्ज था.
फिल्मी दुनिया को करीब से जानने वाले लोगों ने समय-समय पर कई बातें कही हैं. इन जानकारों के मुताबिक, इटली में 1930 के दशक में माफिया पर आधारित फिल्में बनाई गईं, लेकिन 1970 से 2000 के बीच इन फिल्मों का एक सिलसिला शुरू हुआ, जिसने दर्शकों के बीच माफिया फिल्मों को एक अलग पहचान दिलाई.
यहां पर एक पेच फंसा हुआ है. सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम (जिसका मतलब है, इंटरनेट के लिए जरूरी एयरवेव्स) का आवंटन कैसे किया जाएगा? TRAI इस पर 15 दिसंबर तक फैसला लेने वाला है.
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में राजनीति अब एक नई दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है, जहां मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पद पर विवाद तो खत्म हो गया, लेकिन अब मंत्रिमंडल में पदों के बंटवारे को लेकर घमासान मचने की संभावना है. देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद पर कब्जा किया है, और यह कोई अचरज की […]
हम 2008 की गर्मियों में वापस चलते हैं, जब संसद में एक और गंभीर घटना घटी थी. लोकसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के खिलाफ विश्वास मत प्रस्ताव को लेकर बहस चल रही थी. शाम के चार बजे थे...
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस मुद्दे पर जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि ऐसा क्यों और कैसे हुआ? नड्डा ने यह भी कहा कि विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से यह उम्मीद थी कि वे इस मामले की जांच की मांग करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
Opposition Seating Controversy: 18वीं लोकसभा के लिए नई सिटिंग व्यवस्था तय कर दी गई है, लेकिन सीटों को लेकर विवाद अभी भी थमता नजर नहीं आ रहा है. अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव ने इस बदलाव पर नाराजगी जताई है. उनका सवाल है कि अयोध्या से सीनियर […]
विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्ष भी कहीं न कहीं इस विदेशी साजिश का हिस्सा बन सकता है. संसद में हंगामा मचाकर विपक्षी दल जनहित के मुद्दों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे भारत की प्रगति रुक रही है.
योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि जिन्होंने समाज को बांटने की योजना बनाई है, वे एक दिन कट जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यह लोग विदेशों में संपत्ति खरीद कर रखते हैं और संकट आने पर यहां से भाग जाएंगे, जबकि देश में संकट का सामना करने वाले आम लोग होंगे."
इससे पहले, 28 नवंबर को झामुमो के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था. वे जब तक नियमित स्पीकर नहीं चुने जाते, तब तक विधानसभा की कार्यवाही का संचालन करेंगे.