राकेश कुमार

[email protected]

राकेश कुमार विस्तार न्यूज़ में वरिष्ठ उप संपादक सह संवाददाता के पद पर हैं. यहां वो डेटा स्टोरीज, एक्सप्लेनर के अलावा इन डेप्थ खबरों पर काम करते हैं. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल कर चुके राकेश को रिसर्च में इंटरेस्ट है. इन्हें राजनीति के अलावा बिजनेस, मनोरंजन और लीगल न्यूज स्टोरीज पर काम करना पसंद है. काम के इतर बात करें, तो राकेश को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है. पूर्व में राकेश सहारा समय नेशनल न्यूज़ चैनल, फीवर FM, APN न्यूज़ और भारत एक्सप्रेस जैसे संस्थानों से जुड़े थे.

प्रतीकात्मक तस्वीर

अरे गजब! बिहार में 138 बच्चों का बाप निकला ‘मुन्ना कुमार’, वोटर लिस्ट देख हैरान हैं लोग

तिरहुत स्नातक उपचुनाव के लिए हाल ही में वोटर लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें औराई प्रखंड के बूथ संख्या 54 पर करीब 724 मतदाता थे. लेकिन जब लिस्ट देखी गई, तो उसमें 138 मतदाताओं के पिता का नाम "मुन्ना कुमार" दर्ज था.

अल पचिनो, अल्लू अर्जुन

अल पचिनो से अल्लू अर्जुन तक…माफिया रोल्स और ‘तगड़े मर्दों’ को क्यों पसंद कर रहे हैं दर्शक?

फिल्मी दुनिया को करीब से जानने वाले लोगों ने समय-समय पर कई बातें कही हैं. इन जानकारों के मुताबिक, इटली में 1930 के दशक में माफिया पर आधारित फिल्में बनाई गईं, लेकिन 1970 से 2000 के बीच इन फिल्मों का एक सिलसिला शुरू हुआ, जिसने दर्शकों के बीच माफिया फिल्मों को एक अलग पहचान दिलाई.

Satellite Broadband

न आंधी रोक पाएगी न बारिश…देश में होने जा रही है सैटेलाइट इंटरनेट की एंट्री, जानिए कैसे बदलने वाली है टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर

यहां पर एक पेच फंसा हुआ है. सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम (जिसका मतलब है, इंटरनेट के लिए जरूरी एयरवेव्स) का आवंटन कैसे किया जाएगा? TRAI इस पर 15 दिसंबर तक फैसला लेने वाला है.

Maharashtra Politics

महायुति में पोर्टफोलियो बंटवारे को लेकर तनाव… BJP के इस फॉर्मूले से शिंदे-पवार रह जाएंगे हक्का-बक्का!

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में राजनीति अब एक नई दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है, जहां मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पद पर विवाद तो खत्म हो गया, लेकिन अब मंत्रिमंडल में पदों के बंटवारे को लेकर घमासान मचने की संभावना है. देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद पर कब्जा किया है, और यह कोई अचरज की […]

संसद में नोट कांड

कभी कुलस्ते ने लहराई थी नोटों की गड्डियां, अब सिंघवी पर लगे आरोप…संसद में कब-कब चला पैसों का ‘खेल’?

हम 2008 की गर्मियों में वापस चलते हैं, जब संसद में एक और गंभीर घटना घटी थी. लोकसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के खिलाफ विश्वास मत प्रस्ताव को लेकर बहस चल रही थी. शाम के चार बजे थे...

Rajya Sabha Notes Controversy

राज्यसभा में नोटों की गड्डी पर बवाल, कांग्रेस-BJP के बीच बढ़ी तनातनी, अभिषेक मनु सिंघवी ने दी सफाई

इस मामले पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस मुद्दे पर जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि ऐसा क्यों और कैसे हुआ? नड्डा ने यह भी कहा कि विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से यह उम्मीद थी कि वे इस मामले की जांच की मांग करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

Opposition Seating Controversy

“अवधेश प्रसाद को पीछे क्यों भेजा?”, कांग्रेस पर भड़के अखिलेश-डिंपल, लोकसभा में सिटिंग पर संग्राम

Opposition Seating Controversy: 18वीं लोकसभा के लिए नई सिटिंग व्यवस्था तय कर दी गई है, लेकिन सीटों को लेकर विवाद अभी भी थमता नजर नहीं आ रहा है. अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव ने इस बदलाव पर नाराजगी जताई है. उनका सवाल है कि अयोध्या से सीनियर […]

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत में ‘डीप स्टेट’ की साजिश, अडानी के बहाने विदेशी ताकतों का ‘खेल’, क्या जाल में फंसता जा रहा है विपक्ष?

विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्ष भी कहीं न कहीं इस विदेशी साजिश का हिस्सा बन सकता है. संसद में हंगामा मचाकर विपक्षी दल जनहित के मुद्दों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे भारत की प्रगति रुक रही है.

CM Yogi

“जो 500 साल पहले अयोध्या और संभल में हुआ, वही बांग्लादेश में…” सीएम योगी बोले- एक जैसा है तीनों का DNA

योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि जिन्होंने समाज को बांटने की योजना बनाई है, वे एक दिन कट जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यह लोग विदेशों में संपत्ति खरीद कर रखते हैं और संकट आने पर यहां से भाग जाएंगे, जबकि देश में संकट का सामना करने वाले आम लोग होंगे."

Jharkhand Cabinet Expansion

सोरेन की सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार, 11 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

इससे पहले, 28 नवंबर को झामुमो के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था. वे जब तक नियमित स्पीकर नहीं चुने जाते, तब तक विधानसभा की कार्यवाही का संचालन करेंगे.

ज़रूर पढ़ें