फडणवीस के बयानों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. जहां एक तरफ वे ओबीसी समुदाय की एकजुटता को बनाए रखने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महा विकास अघाड़ी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कांग्रेस और अन्य दलों की रणनीतियों पर भी सवाल उठाए हैं.
महेश खींची को दिल्ली नगर निगम मेयर चुनाव में कुल 133 वोट मिले, जबकि बीजेपी के उम्मीदवार को 130 वोट प्राप्त हुए. महज 3 वोटों के अंतर से जीत दर्ज करने के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे दिल्ली की जनता की जीत करार दिया.
गुलाम अहमद मीर का बयान झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में एक नया मोड़ ला सकता है, जहां बीजेपी ने पहले ही बांग्लादेशी घुसपैठ को एक बड़ा मुद्दा बना रखा है.
उनकी बातों का संदर्भ राहुल गांधी पर भी था, हालांकि उन्होंने उनका नाम नहीं लिया. पीएम मोदी ने कांग्रेस की नीति को पाकिस्तान के पक्ष में बोलने जैसा बताया और कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अनुच्छेद 370 को वापस लाने की बात की है, जो जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा थी.
अगर कोई कोचिंग सेंटर इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
नरेश मीणा के समर्थक भी पीछे नहीं हटे. उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके गांव की गाड़ियों को पुलिस ने जलाया और वह खुद भी इस नुकसान की भरपाई करेंगे. मीणा का कहना था, "मैं यहां गिरफ्तारी देने आया हूं ताकि गांव वाले मुझसे यह न समझें कि मैं भाग गया हूं."
पंकजा मुंडे और अजित पवार के विवाद के बीच, बीजेपी के कुछ नेता इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति से जोड़ते हुए कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ का यह बयान उत्तर प्रदेश की विशिष्ट राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिया गया था.
इस मामले में जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जाएगी. जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की बुलडोजर कार्रवाई की एक बार फिर से चर्चा शुरू हो गई है. पिछले कुछ सालों में सीएम योगी ने खासकर उन अपराधियों और अराजक तत्वों के खिलाफ बुलडोजर चलाया है, जिनके खिलाफ अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अपराधों के आरोप हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोज़र कार्रवाई पर रोक लगा दी है. शीर्ष अदालत ने फैसले में कहा है कि सिर्फ किसी व्यक्ति के आरोपी होने की वजह से उसकी संपत्ति पर बुलडोज़र चलाना सही नहीं है. कोर्ट ने कहा कि किसी के घर को तोड़ने के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है