इस घटनाक्रम के बीच, सरकार एयरलाइनों को बम की धमकियों से निपटने के लिए विधायी कार्रवाई करने की योजना बना रही है. इसमें शामिल है उन अपराधियों को नो-फ्लाई सूची में डालना जो ऐसी धमकियों में शामिल हैं.
अखिलेश यादव का यह पोस्ट यूपी की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है. भारतीय जनता पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों ने इस पर प्रतिक्रियाएं दी हैं.
अब सवाल उठता है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बार-बार ये खतरनाक तूफान क्यों आते हैं. इसके पीछे कई भौगोलिक और मौसमी कारण हैं.
इस बैठक का खास मकसद है उन 106 सीटों पर सहमति बनाना, जहां महायुति के तीनों सहयोगी दल आपस में दावा कर रहे हैं. जैसे कि आष्टी विधानसभा क्षेत्र में, जहां एनसीपी के विधायक बालासाहेब आसबे हैं, लेकिन बीजेपी के सुरेश धस चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं.
पीएम मोदी के खिलाफ इमरान मसूद ने कहा था, "बोटी-बोटी काट देंगे," जो काफी वायरल हुआ था. यह टिप्पणी पीएम मोदी के खिलाफ मानी गई थी और इसके बाद राजनीति में तूफान खड़ा हो गया था.
इस पूरी घटना ने न केवल संसदीय कार्यवाही को प्रभावित किया, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है. ऐसे में सभी की निगाहें अब इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर रहेंगी.
इस पोस्टर में अखिलेश यादव को संस्कृत में शुभकामनाएं भी दी गई हैं, जिसमें कहा गया है, "त्वं जीव शतं वर्धमानः जीवनं तव भवतु सार्थकम् इति सर्वदा मुदं प्रार्थयामहे जन्मदिवसस्य अभिनन्दनानि." इसका अर्थ है कि वह 100 वर्षों तक जीवित रहें और उनका जीवन उद्देश्यपूर्ण और खुशियों से भरा हो...
यह समझौता खासकर तब महत्वपूर्ण हो जाता है जब सपा को महाराष्ट्र में भी इंडिया गठबंधन के साथ चुनाव लड़ना है. वहां कांग्रेस एक प्रमुख भूमिका में है, और दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
यदि भविष्य में केंद्र सरकार के साथ किसी प्रकार का टकराव होता है, तो उमर अब्दुल्ला इस स्थिति में होंगे कि वे बीजेपी को जिम्मेदार ठहरा सकें.
दिल्ली के प्रदूषण में गत 15 अक्टूबर को पराली से होने वाले धुएं का योगदान 1.2% पर पहुंच गया था वरना अक्टूबर की शुरुआत में यह 1% से नीचे था. पराली जलाने के मुद्दे पर लगातार चर्चा के बावजूद, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए सबसे बड़ा कारण डीजल और पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियां हैं.