अगर हम जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के चुनावी नतीजों का विश्लेषण करें, तो साफ है कि भाजपा को दलित समुदाय का समर्थन मिला. जम्मू में भाजपा ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सभी सात सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि हरियाणा में 17 में से आठ सीटें भाजपा के खाते में आईं.
इसके अलावा, पीएम मोदी ने लाओस में सम्मानित भिक्षुओं से भी मुलाकात की. उन्होंने साकेत मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा आयोजित आशीर्वाद समारोह में भाग लिया. इस दौरान, उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "लाओ PDR में भिक्षुओं और आध्यात्मिक नेताओं से मिलकर बहुत खुशी हुई. मैं उनके आशीर्वाद के लिए आभारी हूं."
वहीं मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि BJP उन्हें चुनाव में हरा नहीं पाती, इसीलिए परेशान है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब BJP की सरकार नहीं बन पाती, तो वह ऑपरेशन लोटस जैसी रणनीतियों का सहारा लेती है. आतिशी ने कहा, "अगर उन्हें लगता है कि इस तरह से शांति मिलेगी तो हम बड़े बंगले में रहने के लिए राजनीति में नहीं आए हैं. अगर जरूरत पड़ी, तो हम सड़क पर बैठकर भी सरकार चलाएंगे."
बैठक के बाद कांग्रेस नेता अजय माकन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पार्टी ने नतीजों की समीक्षा की है. उन्होंने कहा कि सभी एग्जिट पोल कांग्रेस को जीतते हुए दिखा रहे थे, और पार्टी को भी जीत का भरोसा था. हालांकि, परिणामों ने हैरान कर दिया.
रतन टाटा को उनकी विनम्रता और मानवीय मूल्यों के लिए याद किया जाएगा. वे हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहे. उनकी विचारधारा यह थी कि व्यापार केवल मुनाफा कमाने का साधन नहीं, बल्कि समाज के उत्थान का एक माध्यम होना चाहिए.
पवन खेड़ा ने बताया कि मतगणना के दिन कुछ मशीनें 99% पर थीं, जबकि अन्य मशीनें सामान्यत: 60-70% पर थीं. हमने मांग की है कि इन मशीनों को जांच पूरी होने तक सील कर दिया जाए. हम अगले 48 घंटों में और शिकायतें पेश करेंगे.”
सचदेवा ने आरोप लगाया कि शीशमहल बंगले की चाबी सौंपने और वापस लेने में आम आदमी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री के विशेष सचिव प्रवेश रंजन झा के बीच मिलीभगत थी.
नतीजों के बाद, कांग्रेस नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे "तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार" करार दिया.
लखीमपुर खीरी में इस चुनाव के लिए कुल 12,000 शेयरहोल्डर्स अपने मत का प्रयोग करेंगे. नामांकन की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो चुकी है, जिसमें नामांकन वापसी 10 अक्टूबर को और अंतिम मतदाता सूची 11 अक्टूबर को जारी की जाएगी.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आरएसएस की सलाह पर ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं से जुड़ने की कोशिश की. सैनी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र लाडवा में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया और खाप और पंचायत नेताओं से मिलकर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया.