2019 में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद उमर अब्दुल्ला सरकार के खिलाफ एक सशक्त आवाज़ बने. वे लंबे समय तक नजरबंद भी रहे, लेकिन उनका संघर्ष जारी रहा. अब, जब वे दोबारा मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं, तो उनके सामने नई चुनौतियां होंगी.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरियाणा के पांच विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी के उम्मीदवारों के लिए जोरदार प्रचार किया. उनके प्रभावशाली प्रचार का ही नतीजा है कि पांच में से चार सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की.
कांग्रेस ने 'किसान, जवान और पहलवान' जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर बीजेपी को घेरने की कोशिश की, लेकिन वे इस विरोध को व्यापक जनता तक पहुंचाने में नाकाम रहे. किसान आंदोलन और अग्निवीर योजना को मुद्दा बनाकर कांग्रेस ने मोर्चा संभाला, लेकिन बीजेपी ने पीएम पेंशन योजना और अनाजों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी योजनाओं से किसानों का विश्वास जीत लिया.
बीजेपी का चुनाव से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री बदलने और नए चेहरे को सामने लाने का यह फॉर्मूला कोई नया नहीं है. इससे पहले भी पार्टी इस रणनीति को कई राज्यों में अपना चुकी है और वहां भी उसे सफलता मिली.
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में रोशन सोढ़ी का किरदार निभाकर फेमस हुए गुरुचरण सिंह भी इस बार 'बिग बॉस 18' का हिस्सा होंगे. कुछ महीने पहले वो अचानक गायब हो गए थे, और उन्होंने करोड़ों के कर्ज में डूबे होने की बात भी कही थी.
इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में एक फ्रांसीसी मल्टीनेशनल कंपनी टोटलएनर्जीज़ के गैस स्टेशन पर भी हवाई हमला किया है. यह हमला तब हुआ जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच जुबानी जंग जारी है.
इस दशकों पुराने संघर्ष ने एक बार फिर 7 अक्टूबर, 2023 को उस समय जोर पकड़ा, जब हमास के आतंकवादियों ने दक्षिणी इजरायल पर हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए. इस हमले में हमास ने लगभग 250 लोगों को बंधक भी बनाया.
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के साथ गठबंधन करने का निर्णय क्षेत्रीय पार्टियों के लिए महंगा साबित हुआ है. हरियाणा में JJP को किसान आंदोलन के दौरान बीजेपी के साथ रहने का खामियाजा भुगतना पड़ा, जबकि जम्मू-कश्मीर में PDP को सत्ता साझेदारी के बावजूद समर्थन खोना पड़ा. आने वाला चुनाव 2024, इन दोनों राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, लेकिन एग्जिट पोल के परिणाम बताते हैं कि भविष्य की चुनौतियां इन पार्टियों के लिए कठिन होने वाली हैं.
एक तरफ महिला टीम को पाकिस्तान के खिलाफ बड़े अंतर से जीतने की आवश्यकता है ताकि नेट रन रेट बेहतर हो सके. दूसरी ओर, पुरुष टीम को बांग्लादेश के खिलाफ अपनी विजयी यात्रा को जारी रखने का मौका मिलेगा.
अब सबकी नजरें चुनावी नतीजों पर टिकी हैं, लेकिन एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है. मुख्यमंत्री कौन होगा, यह पार्टी आलाकमान के फैसले पर निर्भर करेगा, लेकिन कई दिग्गज नेता अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं, और इन सबकी दावेदारी से कांग्रेस आलाकमान की टेंशन बढ़ने वाली है.