यह मामला तब सामने आया जब झारखंड के रांची निवासी विकास कुमार की शिकायत पर 7 सितंबर को आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.
हालांकि अभी तक धमाके के कारण का पता नहीं चल सका है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सही कारणों का पता लगाया जा सकेगा.
इसी बीच, भारतीय डिप्लोमैट भाविका मंगलनंदन ने UNGA में पाकिस्तान को जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान की वैश्विक छवि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली है. पाकिस्तान अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद का सहारा लेता है.
कुलगाम और देवसर विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को हुआ था, और अंतिम चरण का मतदान 1 अक्टूबर को होने वाला है. इस बीच, आतंकी गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं.
चुनावी बॉन्ड योजना की शुरुआत 2018 में केंद्र सरकार ने की थी, जिसका उद्देश्य राजनीतिक दलों को मिलने वाले नकद चंदे में पारदर्शिता लाना था. हालांकि, इस योजना में दाताओं की पहचान गुप्त रखने का प्रावधान था, जिससे विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी.
चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत कहता है और यहां के नाम बदलने की कोशिश कर रहा है. भारत ने हमेशा इन दावों को ठुकराया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुकदमे के जल्दी निपटारे के लिए शर्तों को इन कड़े कानूनों में भी शामिल किया जाना चाहिए. बेंच ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को उन कानूनों पर पुनर्विचार करना चाहिए, जिनमें आरोपी को अपनी बेगुनाही साबित करने का दायित्व होता है.
गुलाबो देवी ने बैंड-बाजों की दुकानों के नाम के बारे में आपत्ति जताते हुए कहा कि दुकानदारों को अपने असली नाम का उपयोग करना चाहिए. उन्होंने चंदौसी का उदाहरण दिया, जहां कई बैंड-बाजा वाले हिंदू नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
बिहार के लोग नौकरी की तलाश में अक्सर दूसरे राज्यों में जाते हैं. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के आंकड़ों के अनुसार, बिहार से 2 करोड़ 90 लाख से अधिक लोग दूसरे राज्यों में काम की तलाश में जा चुके हैं. यह केवल उन लोगों की संख्या है जिन्होंने ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है.
MCD स्टैंडिंग कमेटी चुनाव पिछले डेढ़ साल से विवादों में है. 26 सितंबर को होने वाला चुनाव मेयर शैली ओबेरॉय द्वारा पांच अक्टूबर तक टाल दिया गया था, जिसके बाद एलजी ने चुनाव को जल्द कराने का आदेश दिया. सिसोदिया ने इस आदेश की कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद चुनाव को टाल दिया गया था.