इस पूरी घटना के बाद, स्कूल प्रबंधन ने बच्चे के घर फोन करके बताया कि कृतार्थ की तबियत खराब है. जब बच्चे के माता-पिता स्कूल पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि कृतार्थ को उपचार के लिए ले जाया गया है. इसी दौरान, लोगों ने सादाबाद के निकट प्रबंधक को कार में पकड़ लिया, जिसमें बच्चे का शव था.
अध्यक्ष पद के लिए ABVP के ऋषभ चौधरी, NSUI के रौनक खत्री और AISA की सावी गुप्ता के बीच कड़ी टक्कर हो रही है. उपाध्यक्ष पद के लिए ABVP के भानु प्रताप सिंह, NSUI के यश नांदल और AISA के आयुष मंडल के बीच मुकाबला है.
मथुरा के मंदिरों ने मिठाइयों की जगह फल और फूलों को प्रसाद के रूप में अपनाने का निर्णय लिया है. धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने बताया कि शुद्ध और प्राकृतिक प्रसादम पर लौटने की यह पहल आस्था की शुद्धता को बनाए रखने के लिए की गई है.
अब सवाल यह है कि उमर अब्दुल्ला अपनी पारिवारिक सीट गांदरबल पर अपनी पकड़ बनाए रख पाएंगे या नहीं, और कांग्रेस जम्मू में अपने प्रदर्शन को कैसे सुधार पाएगी. चुनावी नतीजे ही इन सवालों का जवाब देंगे, लेकिन फिलहाल, सभी की निगाहें उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस के आगे की रणनीति पर टिकी हैं.
अरविंद केजरीवाल की यह चिट्ठी राजनीतिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे सकती है. अब देखना होगा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.
यह कहानी शुरू होती है 21 सितंबर को... दिल्ली के बुराड़ी चौक पर एक महिला फल खरीद रही थी. अचानक, दो लोग मोटरसाइकल पर पहुंचे और उसकी सोने की चेन खींचकर भाग गए. यह घटना एक साधारण चोरी की तरह लग सकती थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया.
इस नए नियम का लक्ष्य सिर्फ दुकानदारों की पहचान को स्पष्ट करना नहीं है, बल्कि जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखना है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रतलाम में यह नियम कितनी सख्ती से लागू होता है और ब्लैक मार्केटिंग पर कितना असर डालता है.
कंगना ने एक वीडियो में कहा, "जो कृषि कानून निरस्त किए गए हैं उन्हें वापस लाया जाना चाहिए. यह किसानों के हित में होगा और उन्हें खुद इसकी मांग करनी चाहिए." इस वीडियो को कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा.
अमिताभ यश ने बताया कि एसटीएफ जब किसी अपराधी पर कार्रवाई करती है तो पहले उसकी गिरफ्तारी का प्रयास करती है और पर्याप्त सबूत जुटाए जाते हैं. अगर अपराधी पुलिस पर फायर करता है, तो पुलिस भी जवाबी फायर करती है.
I4C विंग की स्थापना 5 अक्टूबर 2018 को गृह मंत्रालय के साइबर और सूचना सुरक्षा प्रभाग के तहत की गई थी. इसका उद्देश्य देशभर में साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय समन्वय केंद्र बनाना है. यह केंद्र सभी राज्यों के कंट्रोल रूम से जुड़कर उच्च प्राथमिकता वाले मामलों की निगरानी करता है.