राकेश कुमार

[email protected]

राकेश कुमार विस्तार न्यूज़ में वरिष्ठ उप संपादक सह संवाददाता के पद पर हैं. यहां वो डेटा स्टोरीज, एक्सप्लेनर के अलावा इन डेप्थ खबरों पर काम करते हैं. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल कर चुके राकेश को रिसर्च में इंटरेस्ट है. इन्हें राजनीति के अलावा बिजनेस, मनोरंजन और लीगल न्यूज स्टोरीज पर काम करना पसंद है. काम के इतर बात करें, तो राकेश को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है. पूर्व में राकेश सहारा समय नेशनल न्यूज़ चैनल, फीवर FM, APN न्यूज़ और भारत एक्सप्रेस जैसे संस्थानों से जुड़े थे.

5 आरोपी गिरफ्तार

किसी ने न सुनी पुकार, हाथरस में 11 साल के कृतार्थ की अमानवीय हत्या, स्कूल की तरक्की के लिए दे दी बलि!

इस पूरी घटना के बाद, स्कूल प्रबंधन ने बच्चे के घर फोन करके बताया कि कृतार्थ की तबियत खराब है. जब बच्चे के माता-पिता स्कूल पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि कृतार्थ को उपचार के लिए ले जाया गया है. इसी दौरान, लोगों ने सादाबाद के निकट प्रबंधक को कार में पकड़ लिया, जिसमें बच्चे का शव था.

प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली विश्वविद्यालय की सत्ता के लिए ABVP-NSUI-AISA की तिकड़ी में जोरदार भिड़ंत, जोर-शोर से मतदान जारी

अध्यक्ष पद के लिए ABVP के ऋषभ चौधरी, NSUI के रौनक खत्री और AISA की सावी गुप्ता के बीच कड़ी टक्कर हो रही है. उपाध्यक्ष पद के लिए ABVP के भानु प्रताप सिंह, NSUI के यश नांदल और AISA के आयुष मंडल के बीच मुकाबला है.

लड्डू

तिरुप​ति लड्डू विवाद का उत्तर प्रदेश में असर, अयोध्या से लेकर मथुरा तक व्यवस्था में बड़े बदलाव

मथुरा के मंदिरों ने मिठाइयों की जगह फल और फूलों को प्रसाद के रूप में अपनाने का निर्णय लिया है. धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने बताया कि शुद्ध और प्राकृतिक प्रसादम पर लौटने की यह पहल आस्था की शुद्धता को बनाए रखने के लिए की गई है.

उमर अब्दुल्ला और राहुल गांधी

“उतना काम नहीं किया…”, उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी पर लगाया बड़ा आरोप, नतीजे से पहले ही कांग्रेस को दिखा दी आंखें

अब सवाल यह है कि उमर अब्दुल्ला अपनी पारिवारिक सीट गांदरबल पर अपनी पकड़ बनाए रख पाएंगे या नहीं, और कांग्रेस जम्मू में अपने प्रदर्शन को कैसे सुधार पाएगी. चुनावी नतीजे ही इन सवालों का जवाब देंगे, लेकिन फिलहाल, सभी की निगाहें उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस के आगे की रणनीति पर टिकी हैं.

Arvind Kejriwal, Mohan Bhagwat

“…आडवाणी हुए रिटायर तो मोदी क्यों नहीं?”, अरविंद केजरीवाल ने मोहन भागवत को चिट्ठी लिखकर पूछे 5 सवाल

अरविंद केजरीवाल की यह चिट्ठी राजनीतिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे सकती है. अब देखना होगा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर

एक जैसी शक्ल, एक जैसा जुर्म… बुराड़ी में फिल्मी स्टाइल में चोरी, गुत्थी सुलझाने में दिल्ली पुलिस के छूटे पसीने

यह कहानी शुरू होती है 21 सितंबर को... दिल्ली के बुराड़ी चौक पर एक महिला फल खरीद रही थी. अचानक, दो लोग मोटरसाइकल पर पहुंचे और उसकी सोने की चेन खींचकर भाग गए. यह घटना एक साधारण चोरी की तरह लग सकती थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया.

Madhya Pradesh

CM योगी के फैसले का मध्य प्रदेश में असर! अब इस जिले में दुकानदारों को लिखना होगा नाम

इस नए नियम का लक्ष्य सिर्फ दुकानदारों की पहचान को स्पष्ट करना नहीं है, बल्कि जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखना है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रतलाम में यह नियम कितनी सख्ती से लागू होता है और ब्लैक मार्केटिंग पर कितना असर डालता है.

Kangana Ranaut

“कृषि कानून वापस लाओ…”, कंगना के बयान से बीजेपी ने किया किनारा, कांग्रेस ने उठाए सवाल

कंगना ने एक वीडियो में कहा, "जो कृषि कानून निरस्त किए गए हैं उन्हें वापस लाया जाना चाहिए. यह किसानों के हित में होगा और उन्हें खुद इसकी मांग करनी चाहिए." इस वीडियो को कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा.

अमिताभ यश

“चप्पल की बात क्या करते हो, गंजी-लुंगी में भी होते हैं ऑपरेशन”, मंगेश यादव एनकाउंटर पर उठे सवालों का अमिताभ यश ने दिया करारा जवाब

अमिताभ यश ने बताया कि एसटीएफ जब किसी अपराधी पर कार्रवाई करती है तो पहले उसकी गिरफ्तारी का प्रयास करती है और पर्याप्त सबूत जुटाए जाते हैं. अगर अपराधी पुलिस पर फायर करता है, तो पुलिस भी जवाबी फायर करती है.

प्रतीकात्मक तस्वीर

साइबर अपराध पर कड़ा प्रहार, I4C की कार्रवाई से 800 फ्रॉड ऐप और 6 लाख फोन बंद

I4C विंग की स्थापना 5 अक्टूबर 2018 को गृह मंत्रालय के साइबर और सूचना सुरक्षा प्रभाग के तहत की गई थी. इसका उद्देश्य देशभर में साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय समन्वय केंद्र बनाना है. यह केंद्र सभी राज्यों के कंट्रोल रूम से जुड़कर उच्च प्राथमिकता वाले मामलों की निगरानी करता है.

ज़रूर पढ़ें