राजनीति में ताकत का खेल और महत्वाकांक्षाएं प्रमुख भूमिका निभाती हैं. मुख्यमंत्री पद राज्य सरकार का सबसे महत्वपूर्ण पद होता है और इस पर बैठने वाले नेता का राजनीतिक कद बढ़ जाता है. ऐसे में किसी भी नेता के लिए इस कुर्सी को छोड़ना आसान नहीं होता.
बिट्टू ने राहुल गांधी की देशभक्ति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी हिंदुस्तानी नहीं हैं. उन्होंने अधिकांश समय विदेश में बिताया है और उनकी फैमिली भी वहीं है. इसलिए, उन्हें अपने देश से सच्चा प्यार नहीं है."
यह पहली बार नहीं है कि अरविंद केजरीवाल ने अपने फैसले से राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई हो. 2014 में जब आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जीत हासिल की थी, तब भी केजरीवाल ने सबको चौंका दिया था.
यशवंत सिंह ने पत्रकारिता के मौजूदा हालात पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, "आजकल पत्रकारिता में बीच का कोई रास्ता नहीं बचा है. या तो आप बिक जाओ, या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहो. दिल्ली पुलिस का स्तर पहले कभी इतना गिरा हुआ नहीं था."
बीजेपी ने केजरीवाल के इस फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि वे सचमुच अपने पद से इस्तीफा देना चाहते थे, तो उन्हें जेल से बाहर आते ही यह निर्णय लेना चाहिए था.
हिंदी पट्टी के नागरिकों को अपने समृद्ध अतीत के साथ-साथ एक उज्जवल भविष्य की दिशा में भी कदम उठाने होंगे, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो. यह एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें सरकार, समाज, और प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, वांग ने जोर दिया कि चीन और भारत को अशांत विश्व का सामना करते हुए स्वतंत्रता पर दृढ़ रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एकता और सहयोग पर जोर देना चाहिए और एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए.
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि मांड्या में गणेश की मूर्ति को पुलिस वैन में बंद करके ले जाना एक अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य दृश्य है. उन्होंने कहा कि यह घटना टीपू सुल्तान के समय की याद दिलाती है, जब 1790 में टीपू सुल्तान ने पूजा कर रहे ब्राह्मणों पर आक्रमण कर दिया था.
जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियां चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 सितंबर 2024 को डोडा का दौरा करेंगे और वहां के स्पोर्ट्स स्टेडियम में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे.
खुशी जूस कॉर्नर के मालिक आमिर खान पर यह आरोप है कि उसने कई बार जूस में पेशाब मिलाकर लोगों को बेचा. जब इस घिनौनी हरकत का पता स्थानीय लोगों को चला, तो गुस्साई भीड़ ने दुकानदार को पकड़कर जमकर पिटाई कर दी.