अधिकारियों ने बताया कि जंगल में छिपे आतंकवादियों ने तलाशी दलों को देखते ही अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई.
अमन का यह सफर आसान नहीं रहा. उन्होंने महज 10 साल की छोटी उम्र में मां-बाप को खो दिया. मां-बाप की मौत के बाद अमन अवसाद से जूझ रहे थे. अमन कहते हैं दादा मांगेराम सहरावत ने उन्हें इस स्थिति से उबरने में मदद की. इन सबके बीच भी उन्होंने कुश्ती के प्रति अपना जुनून जारी रखा.
कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल ने शनिवार को पुष्टि की कि छात्रा यौन उत्पीड़न की शिकार थी. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक एसआईटी का गठन किया है. न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम हुआ.
अभी यूनाइटेड नेशन, जिसकी अधिकारिक वेबसाइट पर तमाम मानवीयता का दावा करनेवाली स्टोरी तैरती नजर आ रही हैं, लेकिन यदि कुछ उसमें गायब है तो वह है हिन्दू अत्याचार से जुड़ी बांग्लादेश की कहानी. सबसे ज्यादा यूएन यदि मानवीयता के नाम पर कवरेज किसी को देता दिख रहा है तो वह गाजा है.
साक्षी महाराज ने कहा कि हिन्दुस्तानी अल्पसंख्यक के लिए ये लोग गला फाड़-फाड़कर वकालत करते हैं. इस चुप्पी को देख कर लग रहा है कि विपक्ष न तो हिन्दू का है न ही मुसलमानों का.
हालांकि, वजन कम करना आसान नहीं था. अमन ने शुरुआत में डेढ़ घंटे के मैट सेशन में पसीना बहाया. उसके बाद गर्म पानी से स्नान किया गया. 12:30 बजे, अमन ने जिम जाकर एक घंटे तक लगातार ट्रेडमिल पर दौड़ लगाई, ताकि अतिरिक्त वजन कम किया जा सके.
देश में चल रही हिंसा के बीच अब यूनुस के कंधों पर शांति बहाल और आम चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है. नियुक्त किए गए लोगों में BELA की सीईओ सईदा रिजवाना हसन, महिला कार्यकर्ता फरीदा अख्तर, ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) सखावत हुसैन और पूर्व विदेश सचिव तौहीद हुसैन शामिल हैं.
बांग्लादेश की आजादी में शामिल स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों को सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा था. इसी आरक्षण के विरोध में इस वक्त बांग्लादेश में प्रदर्शन हो रहे हैं.
CAS में गुरुवार को ही सुनवाई होनी थी. पहले कोर्ट ने विनेश का पक्ष रखने के लिए 4 वकीलों की पेशकश की थी. इनके नाम जोएल मोनलुइस, एस्टेले इवानोवा, हैबिन एस्टेले किम और चार्ल्स एमसन है.
हॉकी टीम के जज्बे को देख कर अब कहा जा सकता है कि इंडियन हॉकी के सुनहरे दिन अब फिर से लौट आएंगे. भारतीय हॉकी टीम ने इस बार पूरे पेरिस ओलंपिक में जो खेल दिखाया, वो गजब का रहा है.