हरमनप्रीत ने पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे हैं. हरमन ने स्पेन के खिलाफ आज के मैच में भी 2 गोल दागे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज मैदान में गोली की रफ्तार से गोल दागने वाले हरमनप्रीत को हॉकी में कोई इंटरेस्ट ही नहीं था?
विनेश फोगाट की चचेरी बहन बबीता फोगाट ने हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा, "भूपेंद्र हुड्डा को पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने अपनी सरकार के दौरान कितने खिलाड़ियों को राज्यसभा भेजा? हुड्डा साहब केवल कुर्सी पाने के पीछे हैं."
ब्रिटेन में जरूरतमंद लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का इतिहास रहा है, लेकिन किसी व्यक्ति को केवल शरण लेने के लिए ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है.
वहीं पहलवान ने कहा, "मेरा कुछ भी गलत करने का इरादा नहीं था. मैं ठीक नहीं थी और भ्रम की स्थिति थी. यह सब भ्रम की वजह से हुआ. उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन जाना पड़ा, लेकिन केवल अपने मान्यता कार्ड के सत्यापन के लिए."
रिजिजू ने आगे कहा, "आज जो विधेयक लाया गया है वह सच्चर समिति की रिपोर्ट (जिसमें सुधार की बात कही गई थी) पर आधारित है, जिसे आपने (कांग्रेस ने) बनाया था."
विनेश को सबसे पहले राज्यसभा भेजने की वकालत तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने ही की थी.
5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने बड़ा संवैधानिक बदलाव करते हुए अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था, इससे न केवल जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म हुआ, बल्कि इसे केंद्र शासित प्रदेश में भी बदल दिया गया.
हरियाणा सरकार के आदेश में कहा गया है, "ADGP/CID, हरियाणा और डिप्टी कमिश्नर, सिरसा ने संज्ञान में लाया है कि जिले में तनाव, झुंझलाहट, आंदोलन और सार्वजनिक शांति और सौहार्द में गड़बड़ी पैदा करने की आशंका है.
बनर्जी ने कहा कि फोगाट के अथक दृढ़ संकल्प को किसी भी पदक से पूरी तरह से नहीं समझा जा सकता है. उन्होंने जिस तरह के संघर्ष का सामना किया है, उसे देखते हुए हम उसके लिए कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं.
अमेरिकी पहलवान की मांग को लेकर एक्स पर लोगों के रिएक्शन भी आए हैं. लोगों ने कहा कि जॉर्डन बरोज़ की मांगो पर नियमों में तत्काल बदलाव किया जाना चाहिए. बजरंग पुनिया ने भी बरोज की मांग का समर्थन किया है.