राकेश कुमार

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राकेश कुमार विस्तार न्यूज़ में वरिष्ठ उप संपादक सह संवाददाता के पद पर हैं. यहां वो डेटा स्टोरीज, एक्सप्लेनर के अलावा इन डेप्थ खबरों पर काम करते हैं. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल कर चुके राकेश को रिसर्च में इंटरेस्ट है. इन्हें राजनीति के अलावा बिजनेस, मनोरंजन और लीगल न्यूज स्टोरीज पर काम करना पसंद है. काम के इतर बात करें, तो राकेश को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है. पूर्व में राकेश सहारा समय नेशनल न्यूज़ चैनल, फीवर FM, APN न्यूज़ और भारत एक्सप्रेस जैसे संस्थानों से जुड़े थे.

Bullet Train

320 KM स्पीड, एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस…भारत की पहली बुलेट ट्रेन में सफर कितना महंगा?

यह बुलेट ट्रेन अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन से शुरू होकर मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स तक जाएगी. रास्ते में यह कुल 12 स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें गुजरात में 8 और महाराष्ट्र में 4 स्टेशन होंगे.

RBI MPC Meeting

EMI कम होने का इंतज़ार कर रहे हैं आप? इस बार RBI की ‘नो चेंज’ पॉलिसी, रेपो रेट में नहीं हुआ कोई बदलाव

इस बैठक में कुछ अच्छी और बुरी, दोनों तरह की ख़बरें सामने आईं. अच्छी ख़बर ये है कि RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई के अनुमान को 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया है. यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि इसका मतलब है कि चीज़ों के दाम बहुत ज़्यादा नहीं बढ़ेंगे.

ICG-IRMRI MoU

तटरक्षक की ताकत बनेगा ‘मेड इन इंडिया’ रबर, IRMRI के साथ ICG का ऐतिहासिक MoU!

इस MoU का एक खास हिस्सा है छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना. IRMRI का इनक्यूबेशन सेंटर 'ARISE' स्टार्टअप्स और MSMEs को मौका देगा कि वे रबर प्रोडक्ट्स के लिए नए आइडियाज़ लाएं. तटरक्षक बल अपनी ज़रूरतें IRMRI को बताएगा, और IRMRI भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर स्वदेशी समाधान निकालेगा.

Uttarkashi Cloudburst

बादल फटने से उत्तराखंड के धराली में तबाही, नदी में बहे कई घर, 4 लोगों की मौत, 50 लापता

बादल फटने की वजह से खीर गंगा नदी उफान पर आ गया. तेज रफ्तार से पानी और मलबा पहाड़ों से नीचे की ओर बहा, जिसमें बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी का सैलाब गांव में घुस गया. धराली का बाजार, जो कभी पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहता था, देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गया.

Premanand Maharaj Viral Video

“गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बनाना बंद करो, नाली का कीड़ा…”, प्रेमानंद महाराज का एक और VIDEO वायरल

जब यह विवाद बढ़ा, तो प्रेमानंद महाराज ने इसका जवाब भी अपनी अगली कथा में दे दिया. उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा, "जो लोग गंदे आचरण करते हैं, उन्हें सही बात बुरी लगती है. जैसे नाली का कीड़ा नाली में ही खुश रहता है. अगर उसे अमृत कुंड में डाल दो, तो वह बेचैन हो जाएगा. "

Chirag Paswan

NDA में रहकर भी नीतीश पर निशाना, क्या ‘डबल गेम’ खेल रहे चिराग पासवान?

चिराग पासवान और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच हुई तारीफों के आदान-प्रदान ने भी अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है. दोनों ही नीतीश सरकार के आलोचक हैं. हालांकि, चिराग ने साफ कर दिया है कि उनकी पहली प्राथमिकता NDA है, लेकिन इन मुलाकातों से भविष्य में किसी नए गठबंधन की संभावना को नकारा नहीं जा सकता.

Gurmeet Ram Rahim

फिर जेल से बाहर आया गुरमीत राम रहीम, 14वीं बार मिली पैरोल

राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल पर कई सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष और कई सामाजिक संगठन सरकार पर यह आरोप लगाते हैं कि राम रहीम को चुनावी फायदे के लिए बार-बार रिहा किया जा रहा है.

Red Fort Security Breach

15 अगस्त से पहले लाल किले की सुरक्षा में बड़ी चूक… पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठिए, पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज!

हर साल अगस्त में यहां सुरक्षा इतनी सख्त होती है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता. कई स्तरों की चेकिंग, ड्रिल्स, और हाई-टेक निगरानी होती है. लेकिन इस बार, एक और घटना ने सबको चौंका दिया.

Rahul Gandhi

सत्ता के सिंहासन से हाशिए तक…बिहार में साल-दर-साल कैसे गिरता गया कांग्रेस का सियासी ग्राफ? लालू की ‘पिछलग्गू’ बनकर रह गई है पार्टी!

एक वक्त था जब बिहार की सियासत में कांग्रेस का सिक्का चलता था. 1950 से 1980 के दशक तक कांग्रेस ने बिहार में कई बार सरकार बनाई. स्वतंत्रता के बाद के शुरुआती दशकों में कांग्रेस का संगठन इतना मजबूत था कि बिहार की जनता उसे सत्ता का पर्याय मानती थी. लेकिन 1990 के दशक से कांग्रेस का सियासी सूरज धीरे-धीरे ढलने लगा.

VP Election 2025

बिहार-आंध्र फॉर्मूले से NDA को घेरने की तैयारी! उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष का उम्मीदवार कौन?

अगर उम्मीदवार बिहार से हुआ, तो NDA के सहयोगी जैसे जेडीयू और एलजेपी धर्म संकट में फंस सकते हैं. इसी तरह, अगर उम्मीदवार आंध्र प्रदेश से आया, तो टीडीपी और जनसेना के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. यह विपक्ष की ऐसी चाल है, जिससे NDA को अपने कुनबे को एकजुट रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी.

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