पटना एयरपोर्ट अब एक नए रंग-रूप में तैयार है. मई 2025 में पीएम मोदी ने यहां के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया. 1,216 करोड़ रुपये की लागत से बना ये टर्मिनल विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस है. मिथिला कला और नालंदा के अवशेषों से प्रेरित इसका डिज़ाइन बिहार की समृद्ध संस्कृति को दर्शाता है.
कोलकाता के धर्मतला में हो रही इस महारैली में 1 लाख से ज़्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है. धर्मतला ममता के लिए भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण जगह है, क्योंकि यहीं पर 1993 में वो खूनी संघर्ष हुआ था. हालांकि, इस बार रैली को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला भी गया था.
इस फैसले ने 2006 के पीड़ितों के परिवारों के ज़ख्मों को फिर से हरा कर दिया है. 189 लोग, जो उस दिन घर लौटने की उम्मीद में ट्रेन में सवार हुए थे, वे कभी वापस नहीं आए. सैकड़ों लोग आज भी उन चोटों के साथ जी रहे हैं, जो सिर्फ़ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक भी हैं.
इस भाषा विवाद में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) सबसे आगे है. उनकी पार्टी अक्सर दूसरे राज्यों से आए लोगों को मराठी बोलने के लिए धमकाती रही है. उनका मानना है कि महाराष्ट्र में रहने वाले हर किसी को स्थानीय भाषा बोलनी चाहिए.
सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन मुद्दों पर सहमति बनेगी, उन्हीं पर चर्चा होगी. हर मुद्दे पर संसद में बहस नहीं की जा सकती. यही वजह है कि माना जा रहा है कि यह मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहेगा.
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस बर्बरता पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने बच्ची के इलाज के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. उपमुख्यमंत्री ने भी इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा की और पीड़िता के परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.
ठाकरे ने बताया कि कैसे MVA ने लोकसभा चुनाव में कुछ ऐसी सीटें अपने सहयोगियों को दे दीं, जिन्हें उनकी पार्टी (शिवसेना) पहले कई बार जीत चुकी थी. यह बात उन्हें आज भी अखरती है. विधानसभा चुनाव के दौरान तो सीट बंटवारे पर आखिरी दम तक खींचतान चलती रही.
Chandra Barot Passes Away: हिंदी सिनेमा को ‘डॉन’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्म देने वाले मशहूर निर्देशक चंद्र बरोट का 86 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने अपनी आखिरी सांसें 20 जुलाई, 2025 को लीं. यह खबर बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर उन फिल्म प्रेमियों के लिए जो ‘डॉन’ […]
इस घोटाले में YSRCP के सांसद मिथुन रेड्डी का नाम बतौर चौथा आरोपी (A4) सामने आया. राजमपेट लोकसभा सीट से तीन बार के सांसद और YSRCP के फ्लोर लीडर मिथुन इस घोटाले के 'मास्टरमाइंड' में से एक माने जा रहे हैं. SIT का दावा है कि मिथुन ने शराब नीति को तैयार करने और लागू करने में अहम भूमिका निभाई.
जैसे ही लापता बहनों के कोलकाता में होने का पुख्ता सुराग मिला, पुलिस ने 'ऑपरेशन अस्मिता' को एक बड़े पैमाने पर अंजाम देने का फैसला किया. एसीपी के नेतृत्व में चार टीमें तुरंत कोलकाता के लिए रवाना की गईं. लेकिन यह कहानी सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं थी.