शराब की बोतलों पर असली होलोग्राम की जगह नोएडा की एक कंपनी से नकली होलोग्राम बनवाकर लगाए गए. ये होलोग्राम इतनी सफ़ाई से लगाए जाते थे कि पहचान करना मुश्किल था. इन नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बेचा गया, और इसका पैसा सरकार के ख़ज़ाने में जाने की बजाय सिंडिकेट की जेब में गया.
शुक्रवार की सुबह, जब बच्चे स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे और स्कूल अपने रोज़मर्रा के कामों में लगे थे. तभी अचानक एक के बाद एक कई स्कूलों के ईमेल इनबॉक्स में धमकी भरे संदेश पहुंचने लगे. इन ईमेल्स में स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी.
पहलगाम हमले के बाद भारत चुप नहीं बैठा. उसने तुरंत 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया. इस ऑपरेशन के तहत एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका गया. उनके पास ठोस सबूत थे, जो बताते थे कि कैसे TRF ने पहलगाम में खून बहाया है और कैसे उसे पाकिस्तान की सरकार और लश्कर का पूरा समर्थन हासिल है.
कक्षा 7 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब “Exploring Society: India and Beyond (Part 1)” में मुगल साम्राज्य और दिल्ली सल्तनत से जुड़े अध्याय पूरी तरह हटा दिए गए हैं. पहले इन किताबों में 12वीं से 15वीं सदी के दिल्ली सल्तनत और 16वीं सदी में मुगल साम्राज्य की शुरुआत जैसे विषय शामिल थे.
जिस चंदन मिश्रा की हत्या हुई है, वह कोई आम अपराधी नहीं था. बक्सर का रहने वाला चंदन, लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. उस पर हत्या और गैंगवॉर से जुड़े दर्जनों मामले दर्ज थे. वह बेऊर जेल से इलाज के लिए पैरोल पर अस्पताल में भर्ती था.
सिक्के का दूसरा पहलू ये है कि सरकार पर इस "फ्री" बिजली का भारी बोझ पड़ने वाला है. जब सरकार मुफ्त में कुछ देती है, तो इसका मतलब ये नहीं कि उसकी कोई लागत नहीं होती. बल्कि, उस लागत को टैक्सपेयर्स यानी हम और आप जैसे लोग ही किसी न किसी रूप में चुकाते हैं.
अल्यूशियन द्वीप समूह भूकंप के लिए एक 'हॉटस्पॉट' माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह पैसिफिक टेक्टोनिक प्लेट और नॉर्दर्न अमेरिकन प्लेट की सीमा पर स्थित है, जहां ये प्लेटें आपस में टकराती हैं.
आप म्यूचुअल फंड की तरह बिटकॉइन में भी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) कर सकते हैं. इसका मतलब है कि आप हर हफ्ते, हर महीने या यहां तक कि हर दिन एक तय रकम निवेश कर सकते हैं. इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का खतरा कम होता है.
उत्तर प्रदेश के किसान अपनी कड़ी मेहनत और 'वन-कृषि' के जरिए अब तक 42.19 लाख कार्बन क्रेडिट बना चुके हैं. हर पांच साल में प्रति क्रेडिट 6 डॉलर (लगभग ₹500) की दर से किसानों को भुगतान किया जाता है.
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बिहार की स्थिति को और साफ करते हैं. पिछले 20 सालों में बिहार में 60,000 से ज्यादा हत्याएं दर्ज की गई हैं. यह आंकड़ा सरकार की नाकामी की कहानी खुद बयां करता है.