फ्लाइट FR6080 ने अपनी उड़ान के दौरान भीषण टर्बुलेंस का सामना किया. यात्रियों ने बताया कि इस दौरान उन्हें कोई सीटबेल्ट अलर्ट भी नहीं मिला था. विमान ने सफलतापूर्वक रनवे पर लैंडिंग कर ली थी, लेकिन असली समस्या उसके बाद शुरू हुई.
बीजेपी जानती है कि नीतीश कुमार का अपना एक कोर वोट बैंक है और उनका अनुभव गठबंधन के लिए जरूरी है. इसलिए, चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा ताकि उनके समर्थक NDA के साथ बने रहें. दूसरी ओर बीजेपी बिहार में अपनी जड़ों को और मजबूत करना चाहती है और अंततः अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है.
सैयद अहमद मुसवी की मौत 1869 में हुई और उन्हें इराक के कर्बला में दफनाया गया. लेकिन उनकी धार्मिक शिक्षाएं और उनकी सोच उनके परिवार में ज़िंदा रहीं. इन्हीं विचारों ने न सिर्फ उनके वंशजों को, बल्कि पूरे ईरान की राजनीति और समाज को भी बहुत गहराई से प्रभावित किया. उन्हीं के पोतों में से एक थे रुहोल्लाह, जिन्हें आज दुनिया अयातुल्ला रुहोल्लाह खामेनेई के नाम से जानती है.
मोसाद की योजना थी कि सद्दाम को किसी सार्वजनिक जगह पर मारा जाए, ताकि इससे इराक और बाकी देशों को एक कड़ा संदेश मिले. उन्होंने फैसला किया कि सद्दाम पर हमला तब किया जाएगा जब वो किसी भीड़ वाली जगह पर मौजूद हों. इस बेहद मुश्किल और खतरनाक काम के लिए इजरायल की सबसे खास और काबिल कमांडो यूनिट सायरेट मटकल (Sayeret Matkal) को चुना गया.
विमान हादसे में 241 यात्री और जमीन पर 30 से अधिक लोग मारे गए थे. ऐसे में शवों की पहचान के लिए DNA मिलान का सहारा लिया जा रहा है. सोने और अन्य वस्तुओं के मालिकों की पहचान भी इसी प्रक्रिया के आधार पर होगी.
अमित शाह ने साफ तौर पर कहा, "इस देश में अंग्रेजी बोलने वाले जल्द ही शर्मिंदा महसूस करेंगे. ऐसे समाज का निर्माण अब दूर नहीं है. केवल वही लोग बदलाव ला सकते हैं जो दृढ़ निश्चयी हैं."
जब चुनाव के नतीजे आए, तो सब हैरान रह गए. शिवसेना ने 73 सीटें जीतीं और भाजपा को 65 सीटें मिलीं. दोनों दलों की सीटों को मिलाकर आंकड़ा बहुमत के पार चला गया. यह महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार था जब कांग्रेस को हटाकर कोई गैर-कांग्रेसी सरकार बनी. बालासाहेब ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद खुद नहीं संभाला, बल्कि शिवसेना के मनोहर जोशी को मुख्यमंत्री बनाया.
ईरान में सत्ता परिवर्तन कराना अमेरिका का एक पुराना एजेंडा रहा है, जिसकी मुख्य वजहें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, मध्य पूर्व में उसका बढ़ता क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकारों की स्थिति हैं. अमेरिका इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आमतौर पर आर्थिक प्रतिबंधों को मुख्य हथियार बनाता है, ताकि ईरान की अर्थव्यवस्था कमजोर हो और जनता में असंतोष बढ़े.
इस बार 21 जून को एक खास संयोग भी बन रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा के बीच 'मुष्का-सुषमा योग' बन रहा है, जो कृषि और ऊर्जा के संतुलन के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इससे किसानों को भी फायदा होने की उम्मीद है.
इन सारे विवादों को खत्म करने और यात्रा को और आसान बनाने के लिए, 15 अगस्त 2025 से एक बिल्कुल नया FASTag-आधारित पास सिस्टम लॉन्च होने जा रहा है. ये पास निजी वाहन मालिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा.