राकेश कुमार

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राकेश कुमार विस्तार न्यूज़ में वरिष्ठ उप संपादक सह संवाददाता के पद पर हैं. यहां वो डेटा स्टोरीज, एक्सप्लेनर के अलावा इन डेप्थ खबरों पर काम करते हैं. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल कर चुके राकेश को रिसर्च में इंटरेस्ट है. इन्हें राजनीति के अलावा बिजनेस, मनोरंजन और लीगल न्यूज स्टोरीज पर काम करना पसंद है. काम के इतर बात करें, तो राकेश को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है. पूर्व में राकेश सहारा समय नेशनल न्यूज़ चैनल, फीवर FM, APN न्यूज़ और भारत एक्सप्रेस जैसे संस्थानों से जुड़े थे.

Ryanair Plane Crash

बैरियर से टकराई लंदन से ग्रीस जा रही Ryanair की फ्लाइट, यात्रियों की अटकी सांसें!

फ्लाइट FR6080 ने अपनी उड़ान के दौरान भीषण टर्बुलेंस का सामना किया. यात्रियों ने बताया कि इस दौरान उन्हें कोई सीटबेल्ट अलर्ट भी नहीं मिला था. विमान ने सफलतापूर्वक रनवे पर लैंडिंग कर ली थी, लेकिन असली समस्या उसके बाद शुरू हुई.

Bihar Politics

नीतीश कुमार चेहरा, लेकिन कुर्सी पर BJP की नज़र… अमित शाह के ‘समय तय करेगा’ वाले बयान के सियासी मायने?

बीजेपी जानती है कि नीतीश कुमार का अपना एक कोर वोट बैंक है और उनका अनुभव गठबंधन के लिए जरूरी है. इसलिए, चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा ताकि उनके समर्थक NDA के साथ बने रहें. दूसरी ओर बीजेपी बिहार में अपनी जड़ों को और मजबूत करना चाहती है और अंततः अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है.

Iran Islamic Revolution

ईरान की सत्ता का ‘सूत्रधार’ है बाराबंकी का किंटूर गांव? जानें सुप्रीम लीडर खामेनेई का UP कनेक्शन?

सैयद अहमद मुसवी की मौत 1869 में हुई और उन्हें इराक के कर्बला में दफनाया गया. लेकिन उनकी धार्मिक शिक्षाएं और उनकी सोच उनके परिवार में ज़िंदा रहीं. इन्हीं विचारों ने न सिर्फ उनके वंशजों को, बल्कि पूरे ईरान की राजनीति और समाज को भी बहुत गहराई से प्रभावित किया. उन्हीं के पोतों में से एक थे रुहोल्लाह, जिन्हें आज दुनिया अयातुल्ला रुहोल्लाह खामेनेई के नाम से जानती है.

Operation Bramble Bush

सद्दाम हुसैन को मारने चले थे इजरायली कमांडो, ताबूत में लौटे; मोसाद के सबसे बड़े ‘आत्मघाती’ ऑपरेशन की अनसुनी कहानी!

मोसाद की योजना थी कि सद्दाम को किसी सार्वजनिक जगह पर मारा जाए, ताकि इससे इराक और बाकी देशों को एक कड़ा संदेश मिले. उन्होंने फैसला किया कि सद्दाम पर हमला तब किया जाएगा जब वो किसी भीड़ वाली जगह पर मौजूद हों. इस बेहद मुश्किल और खतरनाक काम के लिए इजरायल की सबसे खास और काबिल कमांडो यूनिट सायरेट मटकल (Sayeret Matkal) को चुना गया.

Air India Crash

एयर इंडिया विमान हादसे के बाद मिले 80 लाख के सोने पर किसका हक? जानें क्या है इसे लौटाने की पूरी प्रक्रिया

विमान हादसे में 241 यात्री और जमीन पर 30 से अधिक लोग मारे गए थे. ऐसे में शवों की पहचान के लिए DNA मिलान का सहारा लिया जा रहा है. सोने और अन्य वस्तुओं के मालिकों की पहचान भी इसी प्रक्रिया के आधार पर होगी.

Amit Shah

“इस देश में अंग्रेजी बोलने वाले जल्द शर्मिंदा होंगे”, Amit Shah ने ऐसा क्यों कहा?

अमित शाह ने साफ तौर पर कहा, "इस देश में अंग्रेजी बोलने वाले जल्द ही शर्मिंदा महसूस करेंगे. ऐसे समाज का निर्माण अब दूर नहीं है. केवल वही लोग बदलाव ला सकते हैं जो दृढ़ निश्चयी हैं."

Shiv Sena Foundation Day

शिवाजी पार्क से सत्ता के शिखर तक…एक ‘कार्टूनिस्ट’ का सपना कैसे हुआ साकार? शिवसेना की जन्म-कथा

जब चुनाव के नतीजे आए, तो सब हैरान रह गए. शिवसेना ने 73 सीटें जीतीं और भाजपा को 65 सीटें मिलीं. दोनों दलों की सीटों को मिलाकर आंकड़ा बहुमत के पार चला गया. यह महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार था जब कांग्रेस को हटाकर कोई गैर-कांग्रेसी सरकार बनी. बालासाहेब ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद खुद नहीं संभाला, बल्कि शिवसेना के मनोहर जोशी को मुख्यमंत्री बनाया.

Iran Israel War

ईरान-इजरायल के बीच कुछ भी हो जाए, सीधे जंग में नहीं कूदेगा अमेरिका? जानिए ट्रंप की तबाही वाली रणनीति

ईरान में सत्ता परिवर्तन कराना अमेरिका का एक पुराना एजेंडा रहा है, जिसकी मुख्य वजहें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, मध्य पूर्व में उसका बढ़ता क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकारों की स्थिति हैं. अमेरिका इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आमतौर पर आर्थिक प्रतिबंधों को मुख्य हथियार बनाता है, ताकि ईरान की अर्थव्यवस्था कमजोर हो और जनता में असंतोष बढ़े.

Surya Dakshinayan

21 जून से बदलने वाली है दुनिया की रफ्तार, सूर्य होंगे दक्षिणायन; इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे खुशियों के द्वार!

इस बार 21 जून को एक खास संयोग भी बन रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा के बीच 'मुष्का-सुषमा योग' बन रहा है, जो कृषि और ऊर्जा के संतुलन के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इससे किसानों को भी फायदा होने की उम्मीद है.

FASTag Rule

60 KM से कम दूरी पर नहीं हो सकते दो टोल, फिर भी देना पड़ता है टैक्स…जानिए क्या कहता है नियम

इन सारे विवादों को खत्म करने और यात्रा को और आसान बनाने के लिए, 15 अगस्त 2025 से एक बिल्कुल नया FASTag-आधारित पास सिस्टम लॉन्च होने जा रहा है. ये पास निजी वाहन मालिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा.

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