शोले ने बॉलीवुड में इतिहास रच दिया. इसके डायलॉग्स, गाने और किरदार आज भी जिंदा हैं. लेकिन मेरा गांव मेरा देश धीरे-धीरे लोगों की यादों से फीकी पड़ गई. फिर भी, इस फिल्म का जादू कम नहीं था. इसके गाने जैसे ‘आया आया अतरिया पे कोई चोर…’ और ‘सजन रे झूठ मत बोलो…’ आज भी गुनगुनाए जाते हैं.
भारत लंबे समय से कनाडा से कह रहा है कि वो अपने यहां सक्रिय खालिस्तानी समूहों पर लगाम लगाए. ये समूह कनाडा की धरती से भारत विरोधी गतिविधियां चलाते हैं, जिनमें हिंसक प्रदर्शन और अलगाववादी प्रचार शामिल हैं. निज्जर की हत्या के बाद ट्रूडो के बयानों ने भारत को और नाराज किया, क्योंकि भारत का कहना है कि कनाडा ने बिना सबूत के गंभीर आरोप लगाए.
इस नीति का असर साफ दिख रहा है. हरियाणा के उप आबकारी आयुक्त अमित भाटिया का कहना है, “इस बार की नीलामी में कारोबारियों का उत्साह देखने लायक है. ये दिखाता है कि नई नीति को व्यापारियों का भरोसा मिल रहा है.”
धीरेंद्र शास्त्री बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने न सिर्फ बकरीद पर पशु बलि का विरोध किया, बल्कि सभी धर्मों और समुदायों से अपील की कि वे हिंसा को छोड़कर अहिंसा का रास्ता अपनाएं. शास्त्री का मानना है कि समय बदल चुका है. अब हमें पुरानी परंपराओं को नए नजरिए से देखने की जरूरत है.
50 साल बाद भी कई सवाल अनुत्तरित हैं. आखिर मिश्रा को किसने मारा? क्या आनंद मार्ग सिर्फ एक बलि का बकरा था? सीबीआई की जांच में क्या कमियां थीं? क्या कोई बड़ी साजिश थी, जिसे दबा दिया गया? वैभव मिश्रा और अश्विनी चौबे जैसे लोग चाहते हैं कि एक नई जांच इन सवालों के जवाब दे.
यूक्रेन का दावा है कि इस हमले में रूस के 41 विमान, जिनमें Tu-95, Tu-22 जैसे न्यूक्लियर बमवर्षक और A-50 जैसे खतरनाक विमान शामिल थे, पूरी तरह तबाह हो गए. ये वही विमान थे, जो यूक्रेन पर बमबारी कर रहे थे.
मौसम विभाग के मुताबिक, सफदरजंग में हवा की रफ्तार 67 किलोमीटर प्रति घंटा और पालम (IGI एयरपोर्ट) में 65 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई. खासकर दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज और आसपास के इलाकों में बारिश ने गर्मी को मात दे दी.
अमित शाह ने ममता बनर्जी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "दीदी, आपने बंगाल की महान भूमि को भ्रष्टाचार, घुसपैठ और हिंसा का गढ़ बना दिया. बंगाल के गौरवशाली इतिहास को आपने तार-तार कर दिया."
कहानी यहीं खत्म नहीं होती. जब धरती छोटी थी, तब एक मंगल ग्रह जितनी बड़ी चट्टान उससे टकराई. इस टक्कर से निकला मलबा चंद्रमा बना. इसके बाद भी अंतरिक्ष से ढेर सारी चट्टानें धरती पर गिरीं. वैज्ञानिक इसे 'लेट एक्रीशन' कहते हैं. इन चट्टानों में सोने जैसे तत्व थे, जो धरती पर बिखर गए.
ट्रंप का ये फैसला सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर सकता है. अमेरिका में स्टील की कीमतें पहले ही 984 डॉलर प्रति टन हैं, जो यूरोप (690 डॉलर) और चीन (392 डॉलर) से कहीं ज्यादा हैं. नए टैरिफ के बाद ये कीमतें 1,180 डॉलर तक पहुंच सकती हैं.