Ambikapur: 11 सितंबर को कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग न्यायालय परिसर में पट्टा पुस्तिका और आधार कार्ड के माध्यम से जरूरतमंद आरोपियों से संपर्क कर पैसे लेकर उनकी जमानत कराने का काम कर रहे हैं.
Surajpur: तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में मुरूम बिछाने का काम कर रहे हैं. जबकि शिक्षक स्वयं कुर्सी में बैठकर उनसे काम करा रहे हैं.
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) के दिशा-निर्देशों के तहत रायपुर में वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया.
रायपुर-दुर्ग सेक्शन में स्थित ‘C’ एवं ‘D’ केबिन पर कुछ मेमू पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव अस्थायी रूप से निरस्त किए जा रहे हैं. यह व्यवस्था 13 सितंबर 2026 से 15 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
अंबिकापुर: टीएस सिंहदेव ने ढाल दास सिंह के कांग्रेस प्रवेश का स्वागत करते हुए कहा कि हम सब एक विचार के हैं. उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य होने के नाते ढाल दास सिंह ने अपने भाई के राजनीतिक सफर को करीब से देखा है.
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए, चरणबद्ध तरीके से पुराने आईसीएफ (Integral Coach Factory) कोचों को हटाकर आधुनिक तकनीक से युक्त एलएचबी (Linke Hofmann Busch) कोचों का प्रावधान किया है. वर्तमान में SECR से चलने वाली 26 ट्रेनों के 34 रैक में ये अत्याधुनिक एलएचबी कोच सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं.
सीएम आवास में आयोजित तीजा-पोरा कार्यक्रम में प्रदेशभर की महिलाएं शामिल हुईं. सीएम विष्णु देव साय बोले- हमारी बहनें लखपति बन रही हैं, महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं.
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह की ओर से 9 सितंबर 2026 को जारी इस आदेश के मुताबिक, प्रदेश के सभी सरकारी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को आवश्यकतानुसार प्रतिदिन कम से कम दो कालखंड (पीरियड्स) अध्यापन कार्य करना अनिवार्य होगा.
Amnikapur: शाम के समय भी करीब दो घंटे तक भारी वाहनों को मैनपाट की सड़कों पर संचालित नहीं किया जाएगा. इस दौरान पर्यटकों और अन्य छोटे वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता देने की व्यवस्था रहेगी, जिससे पर्यटन स्थल की ओर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो और पहाड़ी मार्ग पर यातायात का दबाव भी कम किया जा सके.
Chhattisgarh: नए नियम के तहत अब 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से विलंब शुल्क लगेगा. इसका मतलब 4000 रुपये के बिल पर 1 दिन का विलंब होने पर सिर्फ 1.60 रुपये और एक महीने लेट होने पर 48 रुपये ही लगेंगे.