मुंबई पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक 6 लोगों के बयान दर्ज किए हैं. इनमें आशीष चंचलानी, अपूर्वा मखीजा, बालराज घई और शो से जुड़े तीन तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं.
जिस तरह भोजपुरी गानों और फिल्मों में अश्लीलता पर सवाल उठते हैं और इस पर लगाम लगाने की बात होती है, पांडे सिस्टर्स ने अपने आरोपों से इसे और हवा दे दी है.
वैलेंटाइन वीक चल रहा है, तो ऐसे में अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक मूवीज देखने का प्लान सभी बनाते हैं. लेकिन ऐसे में कपल्स को मनोरंजन के लिए सिनेमाघरों में जाने की जरूरत नहीं है.
साइबर सेल ने जानकारी दी है कि अब तक रिलीज हुए 18 एपिसोड्स की जांच की जाएगी. इन एपिसोड्स में शामिल हुए सभी गेस्ट्स की जांच कि जाएगी.
फैजान अंसारी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि जो भी रणवीर की जुबान काटकर उनके पास लाएगा, उसे वह 5 लाख रुपये का इनाम देंगे.
Ranveer Allahbadia Controversy: लोग रणवीर के इस टिप्पणी पर अब भी भड़के हुए हैं. आम से लेकर खास तक रणवीर के सपोर्ट में कोई नहीं उतरा है. वहीं अब इस फूहड़ टिप्पणी से राष्ट्रिय सनातन सेना भड़क गई है. राष्ट्रीय सनातन सेना ने वीडियो जारी कर कहा है कि जो भी व्यक्ति रणवीर का मुंह काला करेगा उसे एक लाख का नगद पुरस्कार दिया जाएगा.
Ranveer Allahbadia Controversy: हाल ही में रणवीर सहित कई बड़े कंटेंट क्रिएटर समय के शो पर पहुंचे थे. इसी दौरान रणवीर ने माता-पिता के इंटिमेसी पर एक कंटेस्टेंट से फूहड़ सवाल पूछ दिया. फिर क्या था इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. जिसके बाद रणवीर के खिलाफ लोगों का गुस्सा फुट पड़ा है.
राजेश खन्ना की सफलता की कहानी हर किसी को प्रेरित करती है, लेकिन उनका स्टारडम सिर्फ फिल्मी पर्दे तक ही सीमित नहीं था. वह असल जिंदगी में भी एक रोल मॉडल थे. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी इस बात का जिक्र किया कि उस वक्त राजेश खन्ना इतने बड़े स्टार थे कि उनके पास आना-जाना, उनसे मिलना, यह सब एक खास अनुभव माना जाता था.
Ranveer Allahbadia Controversy: मां-बाप के इंटीमेसी पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट पर उनके खिलाफ मुंबई में मामला दर्ज किया गया है. ट्रोलिंग और शिकायत दर्ज होने के बाद उनके फॉलोअर्स में भरी कमी देखने को मिली है. इतना कुछ होने के बाद अब रणवीर माफी मांग रहे हैं.
Mrs Review: Mrs. सिर्फ एक साधारण गृहिणी की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन अनकही सच्चाइयों को उजागर करती है, जिनसे हर भारतीय महिला कभी न कभी गुज़री होती है. यह फिल्म दिखाती है कि कैसे समाज में सदियों से चली आ रही पितृसत्तात्मक सोच महिलाओं की पहचान को धीरे-धीरे मिटाती जाती है और उन्हें सिर्फ एक "आदर्श पत्नी" और "संस्कारी बहू" के रूप में सीमित कर देती है.