Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI ने कड़ी फटकार लगाई है. साथ ही अल्टीमेटम भी थमाया है.
e-sign Feature ECI: चुनाव आयोग ने अपने ईसीआईनेट (ecinet) पोर्टल और ऐप पर एक नया 'ई-साइन' फीचर लॉन्च किया है. इसके जरिए मतदाताओं को रजिस्ट्रेशन, नाम हटाने या उसमें सुधार के लिए आवेदन करते समय अपने आधार कार्ड से जुड़े फोन नंबर का इस्तेमाल करके अपनी पहचान सत्यापित करना होगा.
Kshitij Tyagi UN speech: जिनेवा में UNHRC में स्थायी मिशन के काउंसलर क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान को आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला मुल्क बताया है. इसके साथ ही उन्होंने पाक पर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है. उन्होंने पाक को लताड़ते हुए कहा कि हमारे क्षेत्र पर लालच करने के बजाय अवैध कब्जे को छोड़ देना चाहिए
Premanand Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज ने मां दुर्गा और राधा रानी में क्या अंतर है इस सवाल पर जवाब दिया, जो अब काफी वायरल हो रहा है.
आजम खान की पुलिस अधिकारियों से आजम खान की तीखी बहस देखने को मिली. आजम खान और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बहस का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
साल 2016 में बृजेंद्र राजपूत का गांव के ही रहने वाले जयपाल नाम के एक युवक से 50 रुपये के लेनदेन को लेकर हत्या कर दी थी. अब बृजेंद्र का शव भी उसी जगह मिला जहां उसने युवक को मौत के घाट उतारा था.
Azam Khan: सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान 23 महीनों के लंबे समय के बाद जेल से रिहा हुए हैं. जिस पर सपा प्रमुख की पहली प्रतिक्रिया भी आई है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट X पर लिखा, "आज़म ख़ान की रिहाई उनके और उनके परिवार और हम सब के साथ-साथ उन सब लोगों के लिए राहत और ख़ुशी की बात है जो ‘इंसाफ़’ में ऐतबार करते हैं."
नंदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'अखिलेश जी याद है कि भूल गये? आपके कार्यकाल में माफियाओं ने उत्तर प्रदेश के विकास और तरक्की की नसबन्दी कर दी थी. आपके मुंह से नोटबन्दी शब्द वैसे ही लगता है जैसे ओसामा बिन लादेन विश्वशान्ति की बात कर रहा हो.'
सियासत में आजम खान का जलवा कोई नई बात नहीं. रामपुर से 10 बार विधायक रहे आजम का इलाके में जबरदस्त प्रभाव है. लेकिन खबरें हैं कि सपा मुखिया अखिलेश यादव से उनकी कुछ नाराजगी है. सूत्र बताते हैं कि जेल में लंबा वक्त बिताने के दौरान अखिलेश ने उनकी ज्यादा सुध नहीं ली, जिससे आजम का दिल टूटा है. ऐसे में बसपा और कांग्रेस जैसे दल अपनी बाहें फैलाए खड़े हैं.
Azam Khan: कहा जा रहा था कि रिलीज बॉन्ड का जुर्माना अभी तक जमा नहीं किया है. हालांकि, कानूनी प्रकिया में देरी के कारण आजम की रिहाई में लेट हो रहा था और उधर समर्थक हल्ला काट रहे थे.