Indore Neet Student: इंदौर की नीट छात्रा निक्की यादव का शव खरगोन में नर्मदा नदी से मिला है. परीक्षा देने के बाद से छात्रा लापता थी. पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है. पुलिस ने कहा है कि पोस्टमोर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा.
मामा-भांजे ने मिलकर नाबालिग को झांसा देकर अपने साथ भगा ले गए थे. जिसके बाद 20 दिनों से दोनों फरार चल रहे थे.
प्रबंधन के अनुसार किसी बच्चे के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी नहीं है, लेकिन स्कूल की मेल आईडी पर 30 से 35 अभिभावकों के ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिनमें बच्चों के बीमार होने की शिकायत दर्ज कराई गई है.
Indore: इंदौर में एक भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान इन दिनों चर्चा के केंद्र में बना हुआ है. उन्होंने कहा है कि हम काफिर है तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो.
Dhar: धार जिले के नालछा निवासी लखन चौहान पिछले करीब 10 वर्षों से एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं. उन्होंने सीएम मोहन यादव से आर्थिक साहयता की अपील की है.
Dhar News: स्थानीय लोगों के अनुसार इस्लामपुरा स्थित मस्जिद से किसी भी मौलवी या व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है. मस्जिद के इमाम नियमित रूप से इमामत कर रहे हैं. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इस तरह की पोस्ट के माध्यम से मोहल्ले और मस्जिद की छवि खराब करने तथा दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया गया है.
Indore Fake Neet Paper: पुलिस के मुताबिक आरोपी परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम पर आकर्षक पोस्ट डालकर छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता था. पोस्ट को लाइक या फॉलो करने के बाद छात्रों को उसके बायो में दिए गए लिंक तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाता था.
Indore News: पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने महाप्रबंधक अनुराग वर्मा को कॉल किया. अधिकारी को दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार को लगता है कि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो मेरा वेयरहाउस खाली करा दो. इसके साथ ही पटवारी ने कहा कि वे किसी के दवाब में नहीं झुकेंगे.
Dhar News: परिजनों ने बताया कि कृष्णा घाट पर मछलियों को दाना खिला रहा था. इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया. परिजनों ने 10-15 मिनट तक खुद तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई.
न्यायालय ने से पारित आदेश में दोषी आयशा बी को धारा 193 IPC के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना न चुकाने पर 30 दिन का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा. दोषी को जेल भेजने का वारंट जारी कर दिया गया है.