Valentine Week: बसंत का आगमन हो चुका है और आज-कल का मौसम भी बड़ा सुहावना है. वहीं अब साल का दूसरा महीना यानी फरवरी भी कल से दस्तक देने ही वाला है. फरवरी का यह महीना कपल्स के लिए बेहद खास होता है, क्योंकि इसी महीने आता है वैलेंटाइन वीक. वैलेंटाइन वीक इन्जॉय करने के कपल शांति और सुकून भरी जगहों की खोज में रहते हैं.
Anti Aging Diet Foods: आज के समय में हर व्यक्ति चाहे वह युवा हो या बुजुर्ग किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है. शरीर को मजबूत और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स जरूरी है, लेकिन बाजार में केमिकल्स से युक्त खाद्य पदार्थों की भरमार ने बीमारियों के खतरे को और बढ़ा दिया है. ऐसी स्थिति में हम आपको कुछ ऐसे विशेष सुपरफूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके सेवन से न केवल आप बढ़ती उम्र में भी जवान नजर आएंगे, बल्कि कई अन्य शारीरिक समस्याओं से भी मुक्ति पा सकेंगे.
Republic Day Rope Tricolour: गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए किसी त्योहार की तरह होता है. देशभर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों के बीच खुशी का माहौल बना रहता है. इस दिन देश के कोने-कोने में भारत का तिरंगा बड़े शान से लहराता हुआ दिखाई देता है.
Chanakya Neeti Rules: आज की इस स्वार्थ भरी दुनिया में कहने को तो सब अपने होते हैं, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर कोई काम नहीं आता. मनुष्य के जीवन में कई ऐसे पड़ाव आते हैं जब उसे किसी न किसी के सहयोग की आवश्यकता होती है, लेकिन वह स्वयं को अकेला पाता है. उसका साथ देने के लिए कोई आगे नहीं आता. ऐसी स्थिति में अक्सर वह व्यक्ति मानसिक और शारीरिक, दोनों रूप से खुद को कमजोर मानने लगता है. इन्हीं परिस्थितियों से मुक्ति पाने और जीवन में सुख-शांति बनाए रखने के लिए आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में बहुत ही सरल तरीके से अपनी बातें लिखी हैं.
Budget Friendly Destinations February: सर्दियों का मौसम अपने अंतिम पड़ाव पर है और बसंत का आगमन होने ही वाला है. फरवरी का महीना शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं. वहीं फरवरी का महीना बहुत सुहावना माना जाता है, क्योंकि इस महीने न तो ज्यादा गर्मी रहती है और न ही ज्यादा ठंड. यही कारण है कि यह मौसम पर्यटन प्रेमियों के लिए बेहद खास रहता है. यदि आप कड़ाके की ठंड या किसी दूसरे कारणवश सर्दियों में कहीं घूमने नहीं जा पाए हैं, तो फरवरी का महीना आपके लिए सबसे बेस्ट है, खासकर कपल्स के लिए. ऐसे में आइए जानते हैं उन चार स्थानों के बारे में,जहां फरवरी महीने में घूमने पर स्वर्ग जैसा फ़ील होगा.
Sweet Potato Safety: शकरकंद एक ऐसी सब्जी है, जो दिवाली के समय ज्यादा खाई जाती है. ताजा और चमकदार दिखने वाला शकरकंद हर बार सेहत के लिए सुरक्षित नहीं होता. FSSAI के अनुसार, कई जगह शकरकंद को लाल दिखाने के लिए हानिकारक रंग लगाए जाते हैं. ऐसे शकरकंद का सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. इस खबर में हम आपको असली शकरकंद पहचानने का आसान तरीका बताएंगे.
Countries Not Celebrating January 1st: जैसे ही साल का आखिरी महीना दिसंबर आता है, लोग नए साल के जश्न की तैयारियों में जुट जाते हैं. आज से नया साल 2026 शुरू हो चुका है और दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में लोग इसे एक त्योहार की तरह मना रहे हैं. यह वह पल होता है, जब लोग अपनों के साथ मनोरंजन कर समय बिताते हैं. वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां 1 जनवरी को नया साल मनाना न सिर्फ गलत माना जाता है, बल्कि ऐसा करने पर सजा भी मिलती है.
Raihan Vadra Education: कॉंग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में रेहान वाड्रा ने अपनी गर्लफ्रेंड अवीवा बेग को शादी के लिए प्रपोज किया है. ऐसे में अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर रेहान ने अपनी पढ़ाई कहां तक की है.
Protein rich foods: मानव शरीर कई पोषक तत्वों से मिलकर बना है. बॉडी में अगर किसी भी तत्व की कमी हो जाती है, तो शरीर में कई तरह की बीमारियां पनपने लगती हैं और शरीर कमजोर हो जाता है. आज के समय में गलत खान-पान, खराब डाइट और वातावरण के चलते शरीर में प्रोटीन की कमी होना एक आम समस्या बन गई है. ऐसे में अगर आप अपनी डेली डाइट में इन प्रोटीन वाले फूड्स को शामिल करते हैं, तो यह कमी जल्दी पूरी हो सकती है और आपके अंदर शारीरिक ताकत भी बढ़ेगी.
Country With No Owner: धरती पर आज भी एक ऐसी ज़मीन मौजूद है, जो तकनीकी रूप से किसी भी देश का हिस्सा नहीं है. न यहां पासपोर्ट की ज़रूरत पड़ती है, न वीज़ा की, और न ही किसी सरकार का शासन लागू होता है. यह अनोखी जगह है बीर ताविल, जो अफ्रीका में स्थित एक सूना और बंजर रेगिस्तानी इलाका है. आधुनिक विश्व में जहां हर इंच ज़मीन पर किसी न किसी देश का दावा है, वहां बीर ताविल अंतरराष्ट्रीय राजनीति की एक अजीब भूल की तरह मौजूद है. औपनिवेशिक काल के सीमा विवादों, रणनीतिक स्वार्थों और कानूनी पेचों ने इसे “नो मैन्स लैंड” बना दिया. यही वजह है कि यह इलाका न केवल भूगोल बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और राजनीति के छात्रों के लिए भी एक जीवित उदाहरण बन चुका है.