कोरियोग्राफर और इन्फ्लुएंसर धनश्री ने सोशल मीडिया से अपना नाम बनाया है. बड़ी संख्या में लोग उन्हें फॉलो करते हैं. युजवेंद्र चहल से डिवोर्स के बाद से धनश्री सुर्खियों में बनी हुई थीं. वहीं नाम के साथ-साथ उन्होंने काफी पैसा भी कमाया है.
Rise and Fall: अनाया बांगर पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी हैं. उन्होंने लड़का से लड़की बनने का साहसिक सफर तय किया. रियलिटी शो राइज एंड फॉल में उन्होंने अपनी कहानी खुलकर बताई है.
भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश है. वहीं मध्य प्रदेश अपनी संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है. यह भारतीय नक्शे के बीच में आता है. इन्ही वजहों से मध्य प्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है. क्या आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश के किस जिले में सबसे ज्यादा तहसीलें हैं.
Shradh Puja Vidhi: हर साल पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पिंडदान करने के बाद पितृ लोग स्वर्ग चले जाते हैं. जानिए पिंडदान की सही विधि-
Rise And Fall: अनाया बांगर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर संजय बांगर की बेटी हैं, जिन्होंने जेंडर ट्रांसफॉर्मेशन करवाया है और अब वह एक ट्रांसवुमन हैं. इसी बीच उन्होंने रियलिटी शो राइज एंड फॉल में अपने जर्नी के बारे में जिक्र किया है.
AC Blast: घर में AC की सही देखभाल न करने से आग या ब्लास्ट जैसी दुर्घटनाएं हो सकती हैं.सिर्फ एक बार सर्विस कराने से काम नहीं चलता, AC की हर 2 महीने में सर्विस जरूरी है.
जानी मानी एक्ट्रेस मौनी राय हमेशा ग्लैमरस अंदाज में नजर आती हैं. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर किए हैं जो दर्शकों को खूब लुभा रहे हैं.
India least educated district: भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 797 जिले हैं. इनमें से कई राज्य और कई जिले आधुनिक शिक्षा, साक्षरता और विकास में आगे बढ़ चुके हैं. लेकिन भारत का एक ऐसा जिला है जहां आज भी लोग शिक्षा से काफी दूर हैं और गरीबी में अपना जीवन जी रहे हैं. यहां की साक्षरता दर सभी जिलों के मुकाबले सबसे कम है. आज हम आपको बताएंगे कि भारत का वो कौन सा जिला है जिसकी साक्षरता दर सबसे कम है.
Airtel: घरों में वाई-फाई राउटर लगाने के बाद भी नेटवर्क सभी कमरों तक नहीं पहुंचता. बड़े घरों या डुप्लेक्स फ्लोर वाले घरों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.
Chhattisgarh Pitru Paksha tradition: छत्तीसगढ़ में पितृपक्ष की परंपरा 7 सितंबर से शुरू हो चुकी है और इसका समापन 21 सितंबर तक होगा. छत्तीसगढ़ में पितृपक्ष केवल श्राद्धकर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक पर्व की तरह मनाया जाता है.