Pradosh Vrat July 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय शिवजी की आराधना करने से विशेष पुण्य और शुभ फल प्राप्त होता है. यही कारण है कि हर महीने लाखों श्रद्धालु दोनों प्रदोष व्रत का इंतजार करते हैं.
Mrityu Panchak 2026: पंचांग के अनुसार, मृत्यु पंचक की शुरुआत 4 जुलाई 2026 (शनिवार) की रात 12:48 बजे से शुरू हो चुकी है. यह अवधि 8 जुलाई 2026 (बुधवार) शाम 4:00 बजे समाप्त होगी. इस दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
Budh Vakri 2026: ज्योतिष के अनुसार, बुध के वक्री होने से उनका शुभ असर कम हो जाता है, जिससे लोगों के जीवन में मुश्किलें बढ़ सकती हैं. बुध को बुद्धि, बातचीत, व्यापार, शिक्षा और फैसलों का कारक माना जाता है, इसलिए इस दौरान इन क्षेत्रों में सावधानी बरतनी होगी.
Vastu Tips For Wealth: अगर आप भी ऐसी समस्याओं से परेशान हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए. हम आपको वास्तु शास्त्र के कुछ बहुत ही सरल और असरदार उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने घर से हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा को आसानी से बाहर निकाल सकते हैं.
Sawan solar lunar eclipse: इस साल का सावन महीना आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार के सावन महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण होगा, जो ज्योतिषियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
Four Zodiac Signs Benefit: शुक्र कर्क से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करने वाला है. 4 जुलाई 2026 को शाम 7.18 बजे शुक्र अपनी राशि बदलेंगे. इस राशि में शुक्र 1 अगस्त तक विराजमान रहेंगे. इससे सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा. कुछ राशियों के लिए ये समय लाभदायक रहने वाला है.
Amarnath Yatra Begins July: भगवान शिव के पवित्र धाम अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 28 अगस्त 2026 तक चलेगी. इस बार यात्रा 57 दिनों तक चलेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें.
MP Mysterious Temple: इस मंदिर को देखकर ऐसा लगता है मानो यह किसी भी समय गिर जाएगा, क्योंकि इसके पत्थर बिना किसी मजबूत सहारे के एक-दूसरे के ऊपर रखे हुए दिखाई देते हैं. यह मंदिर 11वीं शताब्दी में कच्छपघात वंश के राजा 'कीर्तिराज' द्वारा भगवान शिव को समर्पित कर बनवाया गया था.
Jyeshtha Purnima 2026: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है. यह दिन सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. साल 2026 में यह पूर्णिमा और भी खास है, क्योंकि इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं.
Temple Prasada Rules: ऐसा कहा जाता है कि इन मंदिरों का प्रसाद भूलकर भी अपने घर नहीं ले जाना चाहिए. इसके पीछे आध्यात्मिक विज्ञान, पौराणिक कथाओं और ऊर्जा संबंधी मान्यताओं का मिश्रण बताया जाता है. आइए जानते हैं उन मंदिरों के बारे में जिनका प्रसाद लेना अशुभ माना गया है.