अब आरटीआई के तहत प्राइवेट स्कूलों में मिलेगा एडमिशन, छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आंदेलन के बीच किया ऐलान
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CG News: छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने गरीब बच्चों के हित में बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है. ढाई महीने से चल रहे असहयोग आंदोलन के बीच एसोसिएशन ने कल 18 मई से RTE के तहत प्रवेश देने का ऐलान किया है.
अब RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों में मिलेगा एडमिशन
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आज रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी. एसोसिएशन का कहना है कि 1 मार्च से शुरू असहयोग आंदोलन उनकी दोनों मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा, लेकिन वंचित वर्ग के एक भी बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए कल से प्रदेश के सभी निजी स्कूल RTE के तहत प्रवेश देंगे.
एसोसिएशन ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एंट्री क्लास बदलकर कक्षा 1 करने से वंचित परिवारों को नुकसान हुआ है. हर साल करीब 65 हजार बच्चों का प्रवेश होता था, लेकिन इस साल सिर्फ 22 हजार सीटें ही रिक्त हैं.
- 33 में से 29 जिलों में 50% से ज्यादा RTE सीटें खाली
- एंट्री क्लास बदलने से 65 हजार से घटकर 22 हजार हुए प्रवेश
- हाई कोर्ट में याचिका क्रमांक 414/2026 लंबित
एसोसिएशन की मांगें
एसोसिएशन ने बताया कि प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने को लेकर हाई कोर्ट के आदेश 19.9.2025 का पालन नहीं हुआ. जिसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई और स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी को हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. एसोसिएशन की मांग है कि शासकीय स्कूलों में प्रति विद्यार्थी खर्च होने वाली राशि को सार्वजनिक किया जाए. नियम के मुताबिक उतनी ही राशि निजी स्कूलों को प्रतिपूर्ति के रूप में मिलनी चाहिए.
लंबे समय से असहयोग आंदोलन जारी
एसोसिएशन का कहना है कि लंबे समय से आरटीई से जुड़ी कई समस्याएं लंबित हैं, जिनका समाधान नहीं होने के कारण यह कदम उठाया गया है. एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका असहयोग आंदोलन लंबे समय से जारी है और जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह विरोध जारी रहेगा.