Ambikapur: नर्मदापुर की महिला सरपंच ने पंचायत सचिव पर लगाया घोटाले का आरोप, फर्जी साइन से लाखों निकाले पर एक्शन नहीं

Ambikapur: छत्तीसगढ़ का शिमला का जाने वाले मैनपाट के ग्राम पंचायत नर्मदापुर में बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां के पंचायत सचिव पर महिला सरपंच ललिता बाई ने उसका फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों रुपए के हेरा फेरी का आरोप लगाया है.
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महिला सरपंच

Ambikapur: छत्तीसगढ़ का शिमला का जाने वाले मैनपाट के ग्राम पंचायत नर्मदापुर में बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां के पंचायत सचिव पर महिला सरपंच ललिता बाई ने उसका फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों रुपए के हेरा फेरी का आरोप लगाया है. ग्राम पंचायत की महिला सरपंच ने आरोप लगाया है कि सचिव के द्वारा उसके फर्जी हस्ताक्षर कर 5 लाख से अधिक रुपए का आहरण कर दिया गया है, इसकी शिकायत भी उनके द्वारा की गई है, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.

सबसे हैरानी की बात तो यह है कि पंचायत सचिव सिकंदर प्रजापति ग्राम पंचायत में लंबे समय से जमा हुआ है. वहीं महिला सरपंच का आरोप है कि जब उसके द्वारा सचिव के खिलाफ शिकायत की गई तब कार्यवाही का भरोसा दिलाया जाता है लेकिन उसके खिलाफ अब तक कठोर कार्रवाई नहीं की गई है. यही वजह है कि ग्राम पंचायत का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है.

महिला सरपंच ने पंचायत सचिव पर लगाया घोटाले का आरोप

महिला सरपंच का आरोप है कि इससे पहले उनके पति भी ग्राम पंचायत में सरपंच थे तब भी इसी सचिव के द्वारा बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया. अवैध कमाई के माध्यम से करोड़ों की संपत्ति भी बना ली गई है, तो दूसरी तरफ महिला सरपंच का कहना है कि मेरा फर्जी हस्ताक्षर कर सचिव के द्वारा घोटाला किया जा रहा है, जबकि कार्यवाही की बारी आएगी तब मुझे जेल भेज दिया जाएगा. अक्सर कम पढ़े लिखे महिला सरपंचों के साथ सरगुजा जिले में ऐसी ही स्थिति दिखाई देती है. यही वजह है कि महिला सरपंच ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच करते हुए पंचायत सचिव के खिलाफ जांच की मांग की है.

फर्जी साइन से लाखों निकाले पर एक्शन नहीं

ग्राम पंचायत के नर्मदापुर निवासी कुंज बिहारी गुप्ता ने भी पंचायत सचिव के खिलाफ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन दिया है. उनका कहना है कि उन्होंने तटबंध निर्माण कार्य में निर्माण सामग्री की सप्लाई की है लेकिन उन्हें पंचायत सचिव के द्वारा एक बैंक का चेक दिया गया लेकिन वह भी बाउंस हो गया. इसके अलावा दूसरे व्यक्ति को भी एक चेक दिया गया था वह भी बाउंस हो गया वहीं पंचायत के खाते में फर्जी बिल लगाकर आहरण किया गया है. हैरानी की बात तो यह है कि ऐसी तस्वीर तब सामने आ रही है जब कुंज बिहारी गुप्ता भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं और उनके द्वारा सप्लाई किये गए निर्माण सामग्री का रुपये नहीं दिया गया.

पंचायत सचिव के खिलाफ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी शिकायत की गई है और उसके करतूत की जानकारी दी गई है लेकिन दूसरी तरफ महिला सरपंच का यह भी आरोप है कि ऑनलाइन पेमेंट के लिए पंचायत सचिव के द्वारा उससे ओटीपी लिया जाता है और उसके बाद मनचाहा भुगतान कर दिया जाता है.

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बताया जा रहा है कि पिछले 10 साल के भीतर पंचायत सचिव के द्वारा नर्मदापुर में पंचायत द्वारा कई निर्माण कार्य किए गए हैं और जो काम हुए हैं वह इतनी घटिया हैं कि काम होने के कुछ दिन बाद ही जर्जर हो गए हैं. सबसे बड़ा वजह का क्वालिटी सही नहीं होना और दूसरी तरफ शिकायत के बाद भी सचिव के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर सिर्फ ट्रांसफर किया जाना है, जबकि लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में सचिव के द्वारा पिछले 10 सालों के भीतर किए गए कार्यों का भौतिक रूप से सत्यापन होना चाहिए, यह देखा जाना चाहिए कि आखिर पंचायत के विकास कार्य में जो राशि खर्च हुआ है. उसकी अब क्या उपयोगिता है, लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, क्योंकि यह पूरा पंचायत माझी जनजाति बहुल है.

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