Ambikapur: नाले की करोड़ों की जमीन पर कब्जा, होटल संचालक के खिलाफ नगर निगम ने जारी किया आदेश पर एक्शन नहीं

Ambikapur: अंबिकापुर में लगातार सरकारी अंबिकापुर में सरकारी जमीन और नाला के साथ तालाबों में कब्जा का खेल रूकने का नाम नहीं लें रहा है. इस बार फिर अंबिकापुर के पर्पल होटल के मालिक मुकेश अग्रवाल को जमीन पर कब्जा करने के मामले में अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त ने नोटिस जारी किया है.
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Ambikapur: अंबिकापुर में लगातार सरकारी अंबिकापुर में सरकारी जमीन और नाला के साथ तालाबों में कब्जा का खेल रूकने का नाम नहीं लें रहा है. इस बार फिर अंबिकापुर के पर्पल होटल के मालिक मुकेश अग्रवाल को जमीन पर कब्जा करने के मामले में अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त ने नोटिस जारी किया है और कब्जा हटाने के लिए आदेश किया है.

नाले की करोड़ों की जमीन पर होटल संचालक का कब्जा

अंबिकापुर नगर निगम आयुक्त के द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जांच रिपोर्ट के अनुसार आपके द्वारा नगर पालिक निगम, अम्बिकापुर क्षेत्रांतर्गत नगर अम्बिकापुर स्थित भूमि ख.न. 4740/3 रकबा 0.296 हे पर जिसमें से भाथु तालाब की ओर जाने वाली जलप्रवाह (प्राकृतिक निकास) को आपके द्वारा सक्षम स्वीकृति (विकास अनुज्ञा) प्राप्त किये बिना एवं बिना किसी पूर्व सूचना के अवैध रूप से मिट्टी का भराव कर प्राकृतिक निकास बाधित किया गया है. यह कृत्य छ.ग. नगर पालिक निगम, अधिनियम 1956 की धारा 243 का उल्लंघन है एवं यह कार्य पूर्णतया अवैधानिक है.

पत्र में साफ लिखा है कि इससे पहले मिट्टी भराव को जल प्रवाह क्षेत्र से हटाये जाने निर्देशित किया गया था किन्तु अत्यंत खेद का विषय है कि मिट्टी भराव को न हटाया गया है एवं न ही किसी प्रकार का कोई जवाब प्रस्तुत किया गया है.

नगर निगम ने जारी किया आदेश

इसके बाद निगम आयुक्त ने आदेश में लिखा है कि छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 243 के तहत् आदेशित किया जाता है कि नगर अम्बिकापुर स्थित भूमि खसरा नं. 4740/3 रकबा 0.296 हेक्टेयर पर भरे गये मिट्टी को 07 दिवस की समय सीमा के भीतर हटाएं. 7 दिवस के भीतर मिट्टी नही हटाये जाने की स्थित में नगर पालिक निगम, अम्बिकापुर द्वारा अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के तहत् मिट्टी हटाये जाने की कार्यवाही की जायेगी जिसमें होने वाले व्यय की पूर्ति वसूल की जाएगी. नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप ने बातचीत के दौरान बताया कि नोटिस जारी करने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया है ऐसे में नगर निगम टीम के द्वारा जल क्षेत्र को कब्जा मुक्त किया जायेगा. इसके लिए टीम का गठन नगर निगम के द्वारा किया जा रहा है और जल्दी ही नगर निगम खुद से अतिक्रमण से जल क्षेत्र को मुक्त करेगी.

इस पूरे मामले को लेकर पर्पल होटल के संचालक मुकेश अग्रवाल ने बताया कि उनके जमीन का सीमांकन हो चुका है और उन्होंने कब्जा किसी भी जल क्षेत्र में नहीं किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें नगर निगम के द्वारा नोटिस जारी किया गया है ऐसी भी जानकारी फिलहाल उनके पास नहीं है वह शहर से बाहर हैं.

अंबिकापुर में कैसे हो रहा जमीन कब्जे का खेल?

अंबिकापुर के अलावा सरगुजा जिले में सरकारी जमीन को जमीन माफिया राजस्व विभाग के पटवारी तहसीलदार और दूसरे अधिकारियों से सेटिंग करने के बाद उसे निजी जमीन दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर तैयार कर रहे हैं. भू अधिकार अभिलेख फर्जी तरीके से तैयार किया जा रहा है. फर्जी तरीके से सेटलमेंट का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है, फिर सरकारी जमीन को निजी जमीन बताकर उसकी खरीदी बिक्री हो रही है.

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यहां तक की आदिवासी लोगों की जमीन में भी इसी तरीके से हेरा फेरी की जा रही है और उसके बाद संबंधित जमीन का पुराना रिकॉर्ड दफ्तरों से गायब कर दिया जा रहा है. यही वजह है कि आज से 50 साल पहले जो जमीन आदिवासियों के नाम पर थी उसे जमीन का रजिस्ट्री सामान्य वर्ग के लोगों के नाम पर हो गया है और फिर लोग उसकी अवैध तरीके से प्लाटिंग कर खरीदी बिक्री कर रहे हैं.

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