Bilaspur में डीजल खपत का बड़ा खेल! 100 से 337 फीसदी तक बढ़ी बिक्री, पेट्रोल पंपों को नोटिस, जानें क्या है मामला
पेट्रोल-डीजल
CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पेट्रोल-डीजल संकट और सप्लाई को लेकर मचे हड़कंप के बीच अब जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. डीजल की असामान्य खपत और बिक्री को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले के चार पेट्रोल पंप संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
जांच में सामने आया कि कुछ पंपों में पिछले साल की औसत मासिक खपत की तुलना में 100 से 337 प्रतिशत तक ज्यादा डीजल की मांग और बिक्री हुई है. इसे लेकर प्रशासन ने संदेह जताया है कि उपभोक्ता श्रेणी के लिए निर्धारित डीजल औद्योगिक उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है.
खाद्य विभाग की समीक्षा रिपोर्ट में खुलासा
खाद्य शाखा की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर जारी नोटिस में कहा गया है कि औद्योगिक डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद जिले के कुछ पंपों में अचानक डीजल की मांग बढ़ गई, जबकि अन्य कंज्यूमर पंपों में मांग कम हो गई. इससे आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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इन पेट्रोल पंपों को जारी हुआ नोटिस
- कलेक्टर कार्यालय की ओर से जिन पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी किया गया है.
- मां कावेरी फ्यूल्स, बीपीसीएल कंपनी, ग्राम छतौना, तखतपुर (औसत मासिक खपत से 138 प्रतिशत अधिक डीजल बिक्री)
- सेठ मूलचंद एंड सन्स, बीपीसीएल कंपनी, ग्राम धौराभाठा, बिल्हा (औसत मासिक खपत से 100 प्रतिशत अधिक बिक्री)
- जय मां श्री यंत्र फ्यूल्स, आरओसीएल कंपनी, ग्राम गतौरा (औसत मासिक खपत से 337 प्रतिशत अधिक डीजल मांग और बिक्री)
- सौरभ सर्विस स्टेशन, आईओसीएल कंपनी, ग्राम अमसेना, तखतपुर (औसत मासिक खपत से 246 प्रतिशत अधिक डीजल बिक्री)