सदन में महिला विधायकों के बीच तीखी नोंक-झोंक, अनिला भेड़िया ने आरक्षण बिल को बताया चुनावी झुनझुना, लता उसेंडी ने दिया जवाब

CG Assembly Special Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र आज नारी सशक्तिकरण के नाम रहा. सदन में चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष की महिला विधायकों के बीच तीखी नोंक-झोंक भी देखने को मिली.
CG Assembly Special Session

विधायक अनिला भेड़िया और लता उसेंडी

CG Assembly Special Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र आज नारी सशक्तिकरण के नाम रहा. महिला आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता दिखाई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शासकीय संकल्प पेश करते हुए संसद और सभी राज्य विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होते ही तत्काल लागू करने की मांग की. सरकार ने इसे नारी सम्मान, समान भागीदारी और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया.

वहीं, विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की. नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने अशासकीय संकल्प प्रस्तुत कर वर्तमान सदस्य संख्या के आधार पर विधानसभा सहित लोकसभा, राज्यसभा और सभी विधानसभाओं में तत्काल 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग रखी. इस मौके पर पक्ष-विपक्ष की महिला विधायकों के बीच तीखी नोंक-झोंक भी देखने को मिली.

आरक्षण बिल चुनावी झुनझुना – अनिल भेड़िया

सदन में चर्चा के बीच कांग्रेस विधायक अनिल भेड़िया ने कहा कि आरक्षण बिल चुनावी झुनझुना है, हमारे देश की महिलाएं जानती हैं कि 2023 में बिल पास हुआ पर उसे लागू नहीं किया गया, महिलाओं को अपने अधिकार मालूम है. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस 33% महिला आरक्षण के पक्ष में है. वर्तमान सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू किया जाए. BJP की हिम्मत 543 सीटों पर 33% आरक्षण देने की नहीं है. महिलाएं इसका बदला BJP से जरूर लेंगी.

कांग्रेस ने महिलाओं के सम्मान का ख्याल नहीं किया – लता उसेंडी

बीजेपी विधायक लता उसेंडी ने कहा कि महिला आरक्षण पर रुकावट बनने का काम विपक्ष ने किया है. महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में गिराने का काम विपक्ष ने किया. महिलाओं की भावनाओं और सम्मान का ख्याल नहीं किया. कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि महिला आरक्षण का कांग्रेस समर्थन करती है. महिला आरक्षण 2029 में लागू किया जाना चाहिए. 2023 में बिल पारित है. इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए. जिन्होंने नारी का अपमान किया उसका विनाश हुआ है. रामायण में माता सीता का हरण और रावण का विनाश नारी अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा और सम्मान का सटीक उदाहरण है.

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