सक्ती वेदांता प्लांट हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत, झारखंड से लेकर रायपुर तक पसरा मातम, मृतकों की लिस्ट आई सामने
वेदांता पावर प्लांट हादसा
Vedanta Power Plant Boiler Blast: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार की दोपहर वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे में 20 मजदूरों के मौत हुई है, वहीं प्रशासन ने अब तक 17 लोगों के मौत की पुष्टि की है, जबकि 34 लोग घायल हैं. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत
यह घटना डभरा थाना क्षेत्र की है. इस हादसे में 17 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 34 मजदूर बुरी तरह झुलस गए. इनमें से कुछ मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, वहीं बाकि बिहार-झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं. घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है. रायगढ़ जिले में 31 मजदूरों को इलाज के लिए लाया गया था. वहीं 6 मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है.
मृतकों की लिस्ट आई सामने
- रितेश कुमार, सोनबर्षा, भागलपुर, बिहार
- अमृत लाल पटेल, एचएन 91 मांझापारा डब्ल्यूएन 04, कंवली, टुंड्री, डभरा, सक्ती, सी.जी. 495695
- ठंडा राम लहरे, जमगहन, मालखरौदा, सक्ती छ.ग. 495691
- तरूण कुमार ओझा, रोहराबांध, सिंदरी, धनबाद, झारखंड- 828122
- आकिब खान, पैठन, दरभंगा, बिहार
- सुसंता जना, किस्मतबाजकुल, टेथी बारी, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिम बंगाल-721655
- अब्दुल करीम, बोका, झारखंड
- उधब सिंह यादव, खरसिया, रायगढ़, छत्तीसगढ़
- शेख सैफुद्दीन, चानपी, हल्दिया, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल-721635
- पप्पू कुमारपिपरखंड, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश पलामू
- अशोक फरिहा, झारखंड
- मानस गिरी, नारायणदारी, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल- 721655
- ब्रिजेश कुमार, पिपरखंड, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश
- रामेश्वर महिलांगे, ग्राम-हरदी, विशाल, खिरोरा, जांजगीर चांपा छ.ग. 495559
- कार्तिक महतो, पुरुलिया, पिर्रा, पश्चिम बंगाल
- नदीम अंसारी, डेफवरघाटा, फगुराम, सक्ती, छत्तीसगढ़
- शिबनाथ मुर्मू, पुरुलिया, पिर्रा, पश्चिम बंगाल
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परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए आरोप
इस हादसे में 17 मौतों और दर्जनों घायलों के बाद परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि कंपनी ने न तो सही जानकारी दी और न ही समय रहते उनसे संपर्क किया. परिजनों ने कहा कि प्रबंधन ने सीधे बातचीत करने के बजाय पुलिस कर्मियों के माध्यम से केवल मुआवजा देने की बात कही, जबकि अब तक कोई भी स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.