Bemetara: तिरपाल के सहारे अंतिम संस्कार करने को ग्रामीण मजबूर, महीनों से टूटा पड़ा मुक्तिधाम
बारिश के बीच हुआ अंतिम संस्कार
Bemetara: बेमेतरा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी व्यवस्थाओं और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. नवागढ़ विधानसभा के ग्राम पंचायत संबलपुर में बारिश के बीच एक मृतक का अंतिम संस्कार तिरपाल के सहारे करना पड़ा. बताया जा रहा है कि मुक्तिधाम लंबे समय से जर्जर हालत में है और महीनों बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हो पाई है.
तिरपाल के सहारे किया अंतिम संस्कार
बारिश के बीच तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार करते ग्रामीणों का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम की हालत खराब होने के कारण अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना के बाद गांव की व्यवस्था और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेकर मुक्तिधाम की मरम्मत करवाता है.
ये पहली बार या पहली घटना नहीं…..
इस तरह का ये पहला मामला नहीं है. बीते दिनों छत्तीसगढ़ में कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिसमें लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा. कई बार लोग तिरपाल के सहारे अंतिम संस्कार करने को मजबूर हुए तो कई बार गांव तक सड़क न होने की वजह से लोगों को दलदल और कीचड़ के बीच से अंतिम यात्रा निकालनी पड़ी.
कबीरधाम में इसी तरह की घटना सामने आई थी
बीते दिनों ऐसा ही एक मामला कबीरधाम (पूर्व में कवर्धा) से सामने आया था. जिले के मगरदा गांव में लोगों को लगातार हो रही बारिश के कारण अंतिम संस्कार के लिए छतरी और तिरपाल का सहारा लेना पड़ा. ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम में शेड निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है. कई बार ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों के लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
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