IPS अंकिता शर्मा को नोटिस, दशहरा पर एके-47 चलाने के मामले में विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
राजनांदगांवः छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की एसपी अंकिता शर्मा को दशहरा के दौरान शस्त्र पूजा के अवसर पर एके-47 चलाने के मामले में नोटिस जारी किया गया है. नोटिस के जरिए उनसे इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है. मुख्यालय से आए आदेश के बाद अब एसपी के जवाब पर नजरें टिकी हैं.
राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजा के दौरान एके-47 चलाने को लेकर चर्चा में हैं. रेंज के आईजी अजय यादव के अनुसार, इस मामले में पुलिस मुख्यालय की ओर से नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.
मामले की पुष्टि करते हुए राजनांदगांव रेंज के आईजी अजय यादव ने बताया कि मुख्यालय से इस संबंध में आदेश आया है. मामले की जांच के लिए नोटिस दिया जाएगा. अब यह देखना होगा कि एसपी अंकिता शर्मा इस मामले में क्या जवाब देती हैं और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं.
राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा को नोटिस, AK-47 चलाने पर मांगा गया स्पष्टीकरण ◆ राजनांदगांव रेंज के IG अजय यादव ने दी जानकारी #Rajnandgaon #AnkitaSharma #ChhattisgarhPolice #AK47 #Dussehra https://t.co/z7yZg6h60t
— Vistaar News (@VistaarNews) October 22, 2026
क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक आईपीएस अंकिता शर्मा का विजयादशमी पर एके-47 राइफल से हवाई फायरिंग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन के बाद साड़ी पहने अंकिता शर्मा राइफल से गोलियां चलाती नजर आ रही हैं.
शस्त्र पूजन के बाद नौ राउंड फायरिंग का दावा
विजयादशमी के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया था. इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा भी मौजूद थीं. सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में वह शस्त्र पूजन के बाद एके-47 राइफल से हवाई फायरिंग करती दिखाई दे रही थीं.
कौन हैं आईपीएस अंकिता शर्मा?
अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई. पढ़ाई में मेधावी रहीं अंकिता ने दसवीं और बारहवीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. स्नातक के बाद उन्होंने प्रबंधन की पढ़ाई शुरू की, लेकिन भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने के लक्ष्य के चलते उसे बीच में छोड़कर संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू कर दी.
पहले दो प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. तीसरे प्रयास में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 203वीं रैंक हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुईं. उन्हें छत्तीसगढ़ संवर्ग मिला.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम से मिली पहचान
अंकिता शर्मा ने छत्तीसगढ़ में अलग-अलग पदों पर काम किया है. भाटापारा में शुरुआती पदस्थापना के बाद उन्होंने रायपुर, खैरागढ़ और बस्तर क्षेत्र में भी सेवाएं दीं. नक्सल प्रभावित इलाकों में उनकी तैनाती और अभियानों में भूमिका के कारण उन्हें पहचान मिली. सोशल मीडिया पर उनके सख्त पुलिस अधिकारी वाले अंदाज के चलते उन्हें ‘लेडी सिंघम’ भी कहा जाता है. वर्तमान में वह राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक हैं.
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