CG News: ‘सपना सच हुआ..’, जहां लोगों ने कभी ट्रेन नहीं देखी, वहां महिला लोको पायलेट लेकर पहुंची मेमू, पढ़िए क्या कहा

Chhattisgarh Railway Connectivity News: सिद्धार्थ बंसोड़ ने अपने एक्सपीरिएंस को सपना सच करने जैसा बताया. उन्होंने कहा , 'रावघाट तक ट्रेन पहुंची, कभी यहां को ट्रेन देखने तक नहीं मिलती थी. मुझे वहां तक ट्रेन को ले जाने और वहां से परिचालन शुरू करने का अवसर मिला, यह मेरे लिए बहुत ही अच्छी बात है.'
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सीजी न्यूज

Woman Loco Pilot Operates MEMU: विजयादशमी का दिन छत्तीसगढ़ के लिए बड़ा रहा. लेकिन इसका कारण सिर्फ दशहरा ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में हुए रेल विस्तार भी है. बता दें, सीएम साय ने बीते दिन कई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई. ट्रेन के चलने से न सिर्फ यात्रियों को फायदा मिला बल्कि कई लोगों ने खुद के जीवन में कुछ नया और कुछ बड़ा किया. ऐसी ही कुछ कहानी है ट्रेन की कमान संभाल रही महिला लोको पायलट प्रतिभा सिद्धार्थ बंसोड़ की.

महिला लोको पायलट ने थामी कमान

बता दें, उद्घाटन के दिन मेमू ट्रेन शाम को बालोद रेलवे स्टेशन पहुंची. इस ट्रेन की कमान महिला लोको पायलट प्रतिभा सिद्धार्थ बंसोड़ के हाथों में थी. उनके लिए भी यह एक्सपीरिएंस बिल्कुल नया था. सिद्धार्थ बंसोड़ ने अपने एक्सपीरिएंस को सपना सच करने जैसा बताया. उन्होंने कहा , ‘रावघाट तक ट्रेन पहुंची, कभी यहां को ट्रेन देखने तक नहीं मिलती थी. मुझे वहां तक ट्रेन को ले जाने और वहां से परिचालन शुरू करने का अवसर मिला, यह मेरे लिए बहुत ही अच्छी बात है.’

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सीएम साय ने किया उद्घाटन

बताते चलें कि, त्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में अब एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट – रायपुर एवं रायपुर – कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसी अवसर पर ताड़ोकी – रावघाट तथा अभनपुर – कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया और रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी गई.

ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ आजादी के बाद पहली बार रावघाट रेल नेटवर्क से जुड़ गया है. बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों के लिए यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.

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