आचार संहिता उल्लंघन मामले में भूपेश बघेल को हाई कोर्ट से राहत नहीं, याचिका खारिज करने की अर्जी नामंजूर
भूपेश बघेल(File Photo)
Achar Sanhita Case Petition Hearing Soon: आचार संहिता उल्लंघन मामले में भूपेश बघेल को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है. हाई कोर्ट ने उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को निरस्त करने की मांग की थी.
मिली जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 16 बिंदु पेश करते हुए तर्क दिया कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने जो भी आरोप लगाए हैं, उसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है और न ही आचार संहिता उल्लंघन करने का कोई साक्ष्य पेश किया गया है. उन्होंने याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर किया था. हालांकि कोर्ट ने आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया. अब हाई कोर्ट में मेरिट के आधार पर सुनवाई होगी.
सांसद विजय बघेल ने लगाई थी याचिका
दुर्ग सांसद और पाटन सीट से बीजेपी उम्मीदवार विजय बघेल ने भूपेश बघेल की विधायकी रद्द करने की मांग करते हुए एक चुनावी याचिका दायर की है. याचिका में आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते भूपेश बघेल ने आचार संहिता का उल्लंघन किया था, जिसके आधार पर उनके निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई है. वहीं, अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी.
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जानें पूरा मामला
ये पूरा मामला आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है. दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भूपेश बघेल की विधायकी खत्म करने के लिए चुनाव याचिका लगाई है. 2024 में दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से ठीक पहले प्रचार बंद होने की अवधि में भूपेश बघेल ने अपने समर्थकों के साथ पाटन क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था. इस दौरान उन्होंने चुनावी नारे लगवाए और वोट मांगकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का सीधा उल्लंघन किया, जिसका वीडियो भी बनाया गया था.